
Jharkhand Maoist : एक करोड़ रुपये के इनामी नक्सली प्रशांत बोस का 3 अप्रैल को रिम्स में इलाज के दौरान निधन हो गया था। मृत्यु से पहले उन्होंने संगठन को लेकर 20 मार्च को एक पत्र लिखा था, जो कॉमरेड सागर उर्फ मिसिर बेसरा के नाम था। इस पत्र में संगठन की स्थिति को लेकर उनकी निराशा और चिंता साफ झलकती है।
पत्र में प्रशांत बोस ने नक्सली साथियों से मुख्यधारा में लौटने की अपील की। उन्होंने माना कि संगठन इस समय अपने सबसे कठिन दौर से गुजर रहा है और सशस्त्र संघर्ष को आगे बढ़ाना लगभग असंभव हो गया है। उन्होंने लिखा कि वर्तमान राजनीतिक और सुरक्षा व्यवस्था काफी मजबूत है, जबकि संगठन के पास न तो पर्याप्त संसाधन बचे हैं और न ही जनसमर्थन।
उन्होंने यह भी कहा कि अब उनके पास इतनी शक्ति नहीं रह गई है कि वे सुरक्षा बलों के बढ़ते दबाव का सामना कर सकें। पत्र के जरिए उन्होंने कॉमरेड सागर से गुप्त नंबर के माध्यम से जल्द संपर्क करने और प्रतिक्रिया देने को कहा था, साथ ही सभी साथियों को सतर्क रहने की सलाह दी। हालांकि, इस संवाद के प्रभावी होने से पहले ही उनका निधन हो गया।

