
नई दिल्ली: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने दिल्ली से सटे नोएडा में विभिन्न कारखानों में काम करने वाले श्रमिकों के विरोध प्रदर्शन का हवाला देते हुए मंगलवार को कहा कि मजदूर देश की रीढ़ हैं। लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने उन्हें बोझ समझ लिया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने मजदूरों का समर्थन किया और यह दावा भी किया कि सरकार ने पिछले साल चार श्रम संहिताओं को जल्दबाजी में लागू किया जिससे रोजाना काम के घंटे बढ़कर 12 हो गए। लेकिन श्रमिकों के मानदेय में कोई वृद्धि नहीं हुई।

