Latest Newsझारखंडरामगढ़ : अलीमुद्दीन हत्याकांड के सजायाफ्ता आरोपियों की याचिका पर सुनवाई पूरी

रामगढ़ : अलीमुद्दीन हत्याकांड के सजायाफ्ता आरोपियों की याचिका पर सुनवाई पूरी

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रामगढ़ : रामगढ़ में मॉब लीचिंग (Mob leaching) के शिकार अलीमुद्दीन हत्याकांड (Alimuddin Massacre) के सजायाफ्ता आरोपियों की अपील याचिका पर बुधवार को सुनवाई पूरी हो गई, जिसके बाद हाईकोर्ट ने इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।

बुधवार को पीड़ित पक्ष और सरकार दोनों की ओर से दलील दी गई। इसके बाद जस्टिस आर मुखोपाध्याय और जस्टिस अंबुज नाथ (R Mukhopadhyay and Justice Ambuj Nath) की अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया।

बुधवार को अलीमुद्दीन की पत्नी मरियम खातून की ओर से अदालत को बताया गया कि सजायाफ्ता के खिलाफ घटना में शामिल होने के पर्याप्त साक्ष्य हैं।

सरकार की ओर से कहा गया कि निचली अदालत (Lower court) का आदेश सही है और इसे बरकरार रखना चाहिए, वहीं सभी सजायाफ्ता के की तरफ से कहा गया कि वे इस मामले में निर्दोष हैं और निचली अदालत ने सजा के दौरान सभी तथ्यों पर गौर नहीं किया है।

उन्हें बरी किया जाना चाहिए। बहरहाल, सभी पक्षों की बहस पूरी होने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। कोर्ट के फैसले का सभी को इंतजार है।

सरकार की ओर से कहा गया कि निचली अदालत का आदेश सही है

बुधवार को अलीमुद्दीन (Alimuddin) की पत्नी मरियम खातून की ओर से अदालत को बताया गया कि सजायाफ्ता के खिलाफ घटना में शामिल होने के पर्याप्त साक्ष्य हैं।

सरकार की ओर से कहा गया कि निचली अदालत का आदेश सही है और इसे बरकरार रखना चाहिए। वहीं, सभी सजायाफ्ता (Convicted) की ओर से कहा गया कि वे इस मामले में निर्दोष हैं और निचली अदालत ने सजा के दौरान सभी तथ्यों पर गौर नहीं किया है।

उन्हें बरी किया जाना चाहिए। सभी पक्षों की बहस पूरी होने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।

क्या है मामला

अलीमुद्दीन की हत्या के मामले में Ramgarh की निचली अदालत ने 21 मार्च 2018 को 11 दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।

इस मामले में अलीमुद्दीन की पत्नी मरियम खातून ने 12 लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज (FIR registered) कराई थी। 16 मार्च 2018 को 12 में से 11 आरोपितों को दोषी करार दिया था, जबकि एक आरोपी के नाबालिग होने के कारण उसका मामला जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड में भेज दिया गया था।

निचली अदालत से जिन्हें आजीवन कारावास (Life imprisonment) की सजा मिली है, उनमें छोटू वर्मा, दीपक मिश्रा और संतोष सिंह के अलावा भाजपा नेता नित्यानंद महतो, विक्की साव, सिकंदर राम, उत्तम राम, विक्रम प्रसाद, राजू कुमार, रोहित ठाकुर और कपिल ठाकुर शामिल थे।

बहरहाल, रामगढ़ में Mob leaching के शिकार हुए अलीमुद्दीन की हत्या के मामले के सजायाफ्ता आरोपियों की अपील याचिका पर आनेवाले दिनों में High Court का क्या फैसला आता है, इसका सभी को इंतजार रहेगा।

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