झारखंड में मगही, भोजपुरी के विरोध में राष्ट्रपति भवन पहुंचे सांसद और विधायक

News Aroma Media
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रांची: गिरिडीह के सांसद चंद प्रकाश चौधरी, जमशेदपुर के सांसद विद्युत वरण महतो, पुरुलिया के सांसद ज्योतिर्मय सिंह महतो और गोमिया के विधायक लंबोदर महतो ने मंगलवार को नई दिल्ली में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात की।

इस मौके पर इन नेताओं ने संयुक्त रूप से राष्ट्रपति को झारखंड सरकार द्वारा राज्य के बोकारो और धनबाद जिले में भोजपुरी एवं मगही और अन्य जिले में मैथिली तथा अंगिका को क्षेत्रीय भाषा की सूची में शामिल करने पर चल रहे व्यापक आंदोलन, इसको लेकर लोगों में व्याप्त आक्रोश से अवगत कराया।

उनसे इन भाषाओं को क्षेत्रीय भाषा की सूची से हटाने और झारखंड की नौ जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषाओं को ही क्षेत्रीय भाषाओं की सूची में शामिल कराने का आग्रह किया।

इस क्रम में राष्ट्रपति से झारखंड, पश्चिम बंगाल एवं उड़ीसा की टोटेमिक कुड़मी जाति को अनुसूचित जनजाति की सूची में शामिल करने आग्रह किया।

नेताओं ने राष्ट्रपति को झारखंड लोक सेवा आयोग (जेसीएससी) में व्याप्त अनियमितता की ओर उनका ध्यान आकृष्ट कराया।

साथ ही राष्ट्रपति को यह भी बताया गया कि झारखंड में पिछड़ी जाति आबादी 55 फीसदी है। ऐसे में पिछड़ी जाति 27 प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए।

राष्ट्रपति को इन नेताओं ने अलग-अलग ज्ञापन भी सौंपा। राष्ट्रपति ने ध्यान पूर्वक बातों को भी सुना और समुचित कार्रवाई करने को लेकर आश्वस्त भी किया।

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