कांग्रेस ने की केंद्र और राज्य सरकार से मीडियाकर्मियों को कोरोना वारियर्स का दर्जा देने की मांग

News Aroma Media
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रांची: प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे, लाल किशोरनाथ शाहदेव व राजेश गुप्ता ने केंद्र और राज्य सरकार से मीडियाकर्मियों को कोरोना वारियर्स का दर्जा देने की मांग की है।

साथ ही संक्रमित हो जाने पर समुचित इलाज और निधन होने की स्थिति में आश्रित को समुचित सहायता राशि उपलब्ध कराने की मांग की हैं।

पार्टी की ओर से इस संबंध में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और वित्तमंत्री रामेश्वर उरांव से यथाशीघ्र निर्णय लेने का आग्रह किया गया है।

प्रवक्ताओं ने सोमवार को कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण काल में मीडियाकर्मी लगातार अपनी जान जोखिम में डाल कर सरकार के गाइडलाइन को जन-जन तक पहुंचाने का काम कर रहे है और लोगों की परेशानियों को प्रशासन के समक्ष पहुंचा रहे हैं।

चिकित्सकों, पारा मेडिकल कर्मियों, सुरक्षा कर्मियों और सफाई कर्मियों की तरह ही ये एक कोरोना वारियर्स के रूप में काम कर रहे हैं। इनके सहयोग के बिना इस लड़ाई में जीत मुश्किल है।

इसलिए राज्य सरकार अविलंब मीडियाकमियों को कोरोना वारियर्स घोषित करें।

उन्होंने कहा कि मीडियाकर्मियों को कोरोना वारियर्स घोषित करने के साथ ही उनके या किसी परिजनों के संक्रमित होने पर सरकार अविलंब समुचित इलाज की सुविधा उपलब्ध कराएं।

अक्सर देखा जा रहा है मीडिया कर्मियों के पोजिटीव होने के बाद अस्पताल में भर्ती से लेकर समुचित इलाज के लिए उन्हें मशक्कत एवं संघर्ष करनी पड़ रही है। वहीं कई मीडियाकर्मियों का निधन भी कोरोना संक्रमण के कारण हो रहा है।

ऐसे में सभी मीडिया कर्मियों के परिजनों.एवं आश्रितों को राज्य सरकार सहायता अथवा मुआवजा राशि उपलब्ध करायें।

पिछले डेढ़ वर्षों से मीडियाकर्मी अपनी जान की परवाह किए बिना लगातार रिपोर्टिंग कर रहे हैं जिससे वे संक्रमित भी हो रहे हैं। झारखंड के ही लगभग एक दर्जन से अधिक पत्रकार संक्रमित होकर अपनी जान गवां चुके हैं।

विभिन्न मीडिया हाउस की अनदेखी के बावजूद मीडियाकर्मी लगातार अपने कर्त्तव्यों का निर्वहन ईमानदारी पूर्वक कर रहे हैं।

स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने खुद इस दिशा में सार्थक पहल की थी, लेकिन अब तक इसे अमलीजाता नहीं पहनाया जा सका है। इसलिए इस दिशा में तत्काल ठोस पहल की जरुरत है।

इसके स्वास्थ्य कर्मियों की तरह ही पत्रकारों का भी 50 लाख रुपये का सामूहिक बीमा होना चाहिए।

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