झारखंड सरकार ने की COVID अस्पतालों को फायर फाइटिंग की सुविधा से लैस करने की प्रक्रिया शुरू

रांची: Jharkhand Government झारखंड सरकार ने अब कोविड COVID अस्पतालों में फायर फाइटिंग की सुविधा स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू की है।

इसके तहत तीन दिन के अंदर सभी अस्पतालों में फायर सेफ्टी के नोडल ऑफिसर को नामित करने का निर्देश दिया है।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के अभियान निदेशक रविशंकर शुक्ला ने इसे लेकर सभी उपायुक्तों को पत्र भेजा है।

स्वास्थ्य विभाग के नोडल पदाधिकारी सिद्धार्थ त्रिपाठी ने यह जानकारी शुक्रवार को दी। उन्होंने बताया कि अभी राज्य में कितने अस्पतालों को फायर सेफ्टी का एनओसी मिला है, इस बाबत 12 जून तक जानकारी मांगी गयी है। सभी अस्पतालों से एक्शन टेकेन रिपोर्ट मांगी गयी है।

त्रिपाठी ने बताया कि सभी जिलों को निर्देश दिया गया है कि सभी कोविड हॉस्पिटल में फायर सेफ्टी के लिए एक नोडल ऑफिसर नामित करें। कोविड अस्पतालों में नियमित रूप से प्रत्येक माह फायर सेफ्टी का ऑडिट हो।

साथ ही सभी अस्पताल फायर सेफ्टी एनओसी प्राप्त करें। तीन दिनों के अंदर ही सारी प्रक्रिया पूरी करनी है।

उन्होंने बताया कि 12 जून को राज्य स्तरीय समीक्षा होगी, जिसमें जिन अस्पतालों को एनओसी नहीं मिला है, उनके लिए एनओसी दिलाने की प्रक्रिया पूरी करायी जायेगी।

उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की ओर से निजी अस्पतालों में टीका की दर निर्धारित की गयी है। इसके अनुरूप ही टीकाकरण हो इस बाबत सूचना सभी सिविल सर्जनों को दी गयी है।

स्वास्थ्य विभाग कोविड-19 टीकाकरण के ओएसडी नमन प्रियेश लकड़ा ने सभी सिविल सर्जनों को भारत सरकार के पत्र की प्रतिलिपि भी भेजी है।

उन्होंने बताया कि निजी अस्पतालों की दर में कोविशील्ड 780 रुपये, कोवैक्सीन 1410 रुपये और स्पूतनिक वी 1145 रुपये है।

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