विवेक शर्मा

रांची: सदर अस्पताल रांची के न्यूरो सर्जरी विभाग ने अपने स्थापना के 1 साल से अधिक का समय पूरा कर लिया है। पहले ही साल में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में कई बड़ी सफलताएं हासिल की हैं। विभाग ने आयुष्मान योजना के तहत पिछले एक साल में 250 से अधिक सफल ब्रेन और स्पाइन सर्जरी की हैं। इस काम में न्यूरोसर्जन डॉक्टर विकास की भूमिका अहम रही है। रिम्स से सदर आने के बाद उन्होंने न्यूरो सर्जरी विभाग को अलग पहचान दिला दी है। यही वजह है कि मरीज इलाज के लिए रिम्स की बजाय सदर हॉस्पिटल जाने में इंट्रस्ट दिखा रहे हैं।
ओपीडी में तीन गुना बढ़ गए मरीज
शुरुआती दिनों में ओपीडी में जहां रोजाना 20-25 मरीज आते थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर कई दिनों में 70 प्रतिदिन से अधिक पहुंच गई है। डॉ. विकास कुमार और उनकी टीम ने कई जटिल और दुर्लभ ऑपरेशन सफलतापूर्वक किए हैं। इनमें 46 वर्षीय मरीज के दिमाग से 8 लाख रुपये की लागत वाला दुर्लभ मेनिन्जियोमा ट्यूमर मुफ्त निकालना और 54 वर्षीय मरीज के गर्दन-पीठ से 17 साल पुराना 5 किलोग्राम का विशाल ट्यूमर निकालना शामिल है।
6 बेड का न्यूरो आईसीयू होगा शुरू
मरीजों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए अस्पताल लगातार विस्तार कर रहा है। गंभीर मरीजों की विशेष देखभाल के लिए 6 बेड का न्यूरो आईसीयू शुरू करने की तैयारी है, जिससे मरीजों को रिम्स रेफर करने की जरूरत कम पड़ेगी। इसके अलावा, बच्चों की न्यूरो संबंधी समस्याओं जैसे मिर्गी, सेरेब्रल पाल्सी और ऑटिज्म के इलाज के लिए सितंबर 2026 में विशेष पीडियाट्रिक न्यूरोलॉजी विभाग और मई 2026 में न्यूरो फिजियोलॉजी लैब की शुरुआत की जा चुकी है।
रिम्स से पढ़ाई की पूरी
रिम्स से पढ़ाई पूरी करने के बाद डॉ विकास ने स्पेशलाइजेशन भी वहीं से पूरी की। 2010 से 2016 तक उन्होंने अपना एमबीबीएस पूरा किया। रिम्स में हाउस सर्जन रहे। न्यूरोसर्जरी डिपार्मेंट में सीनियर रेजिडेंट के रूप में उन्होंने 2019 से 2025 तक अपनी सेवाएं दी। जुलाई 2025 से वह सदर हॉस्पिटल रांची में अपनी सेवाएं दे रहे है। 1 साल से अधिक समय बीत जाने के बाद अब तक उन्होंने 350 से ज्यादा सर्जरी की है। डॉ विकास ने बताया कि विभाग के लिए इक्विपमेंट और मशीनों की मांग की गई है। सदर में ब्रेन ट्रॉमा, स्पाइन ट्रॉमा के अलावा ब्रेन ट्यूमर और स्पाइन ट्यूमर का भी इलाज किया जा रहा है।


