एनएसएस केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि समाज सेवा का सशक्त माध्यम है : डॉ किशोर

रांची विश्वविद्यालय में एनएसएस के नए समन्वयक डॉ किशोर सुरीन का भव्य स्वागत, शिक्षकों ने जताई उम्मीद, समाज सेवा और छात्र विकास में नई ऊर्जा लाने की बात कही

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रांची विश्वविद्यालय में एनएसएस के नये समन्वयक डॉ. किशोर सुरीन का हुआ स्वागत

रांची : रांची विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के नये को-ऑर्डिनेटर डॉ. किशोर सुरीन का जनजातीय और क्षेत्रीय भाषा (टीआरएल) संकाय के शिक्षकों की ओर से गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इस अवसर पर शिक्षकों और शोधार्थियों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर तथा मिठाई खिलाकर उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षकों ने कहा कि डॉ. किशोर सुरीन के नेतृत्व में विश्वविद्यालय में एनएसएस की गतिविधियां और अधिक प्रभावी तथा समाजोपयोगी होंगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि विद्यार्थियों में सेवा, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।

इस अवसर पर डॉ. किशोर सुरीन ने कहा कि एनएसएस केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि समाज सेवा का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को समाज से जोड़ते हुए स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा जागरूकता और सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे कार्यों को आगे बढ़ाना उनकी प्राथमिकता होगी। उनका स्वागत करने वालों में टीआरएल संकाय के सहायक प्राध्यापक डॉ. सरस्वती गागराई, डॉ. दिनेश दिनमणि, डॉ. बीरेन्द्र कुमार महतो, डॉ. रीझु नायक, डॉ. राकेश किरण, डॉ. करम सिंह मुंडा, शकुंतला बेसरा, पप्पू बांड़ो, आलोक मिश्रा, सेरोफिना, महेन्द्र करमाली और लेखन राज मुंडा सहित कई छात्र-छात्राएं और शोधार्थियों के नाम शामिल हैं।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।