रिम्स में गवर्निंग बॉडी की बैठक, मरीजों के लिए वेंटीलेटर और स्टूडेंट्स के लिए शुरू होगा स्मार्ट क्लास

रिम्स रांची में मरीजों और छात्रों के लिए नई सुविधाओं की घोषणा हुई। 200 वेंटिलेटर, स्मार्ट क्लास, रिहैब सेंटर और पीपीपी मोड पर हॉस्टल संचालन जैसे बड़े बदलाव शुरू होंगे।

News Aroma
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रांची: रिम्स में मंगलवार को गर्वनिंग बॉडी की बैठक हुई स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि एक महीने के अंदर रिम्स में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। सबसे पहले रिम्स में 200 वेंटिलेटर लगाए जाएंगे। ये सुविधा मरीजों को राहत देगी। ये वेंटिलेटर तय करते हुए विभागों में लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि टॉयलेट की व्यवस्था बदली जाएगी। उन्होंने संबंधित विभाग को एयरपोर्ट की तर्ज पर टॉयलेट का निर्माण करने का निर्देश दिया। साथ ही कहा कि टॉयलेट का वीडियो जो वायरल हुआ था उसने मुझे भी विचलित कर दिया।
रिम्स में हॉस्टल का संचालन अब प्रबंधन नहीं करेगा। गर्वनिंग बॉडी की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि कैंपस में सभी हॉस्टल का संचालन अब पीपीपी मोड पर किया जाएगा। अस्पताल में टूटे फर्श को तत्काल दुरुस्त करने का निर्देश दिया गया है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि विभाग को निर्देश दिया गया है कि जल्द से जल्द इसे पहले की तरह कर दिया जाए जिससे कि मरीजों को किसी तरह की परेशानी का सामना ना करना पड़े।
अस्पताल में अब वार्ड बॉय की बहाली जाएगी। यह वार्ड बॉय मरीजों को मदद करेंगे। वर्तमान में इलाज के लिए आने वाले लोगों को काफी परेशानी होती है। भाषा की समझ नहीं होने पर भी भटकते रहते है। कई बार तो डॉक्टर के पास भी नहीं पहुंच पाते। ऐसे में वार्ड बॉय लोगों की मदद करेंगे।
रिम्स में 250 पीजी सीटों का प्रस्ताव आया है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इस पर बैठक में चर्चा हुई है। इसके तहत एक सीट पर 1.5 करोड़ रुपए मिलेंगे। भारत सरकार को ये प्रस्ताव भेजा जाएगा। पैसा मिलने के बाद भवन का विस्तार किया जाएगा। फैकल्टी की संख्या बढ़ाई जाएगी। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि हमने मशीनों की खरीदारी तत्काल करने का निर्देश दिया है। लंबे समय से मामला ठंडे बस्ते में पड़ा था। हमने कहा है कि मरीजों को आपात स्थिति में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने बताया कि बीआईटी ने भवन में तोड़फोड़ करने को कहा था। लेकिन मेकॉन ने सलाह दिया है कि बदलाव करते हुए पुराने भवन को दुरुस्त किया जा सकता है। इसके लिए भवन निर्माण को काम शुरू करने को कहा गया है। रिम्स में मेडिकोज के लिए अब स्मार्ट क्लास शुरू होगा। ऑर्थो वार्ड में मरीजों के लिए रिहैब सेंटर की शुरुआत होगी। इसके लिए 45 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। यह सुविधा राज्य के सभी मेडिकल कॉलेज में शुरू की जाएगी।

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