रांची: विश्व एनेस्थीसिया दिवस के अवसर पर रिम्स के एनेस्थीसियोलॉजी विभाग की ओर से एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए आम नागरिकों के लिए सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। पुराने कैजुअल्टी के सामने आयोजित इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य लोगों को अचानक हृदय गति रुकने जैसी आपातकालीन स्थितियों से निपटने और समय पर प्राथमिक जीवनरक्षक सहायता देने के प्रति जागरूक करना था।

कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों द्वारा 100 से अधिक आम लोगों को सीपीआर देने की सही और वैज्ञानिक प्रक्रिया का प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान लोगों को समझाया गया कि किसी व्यक्ति को कार्डियक अरेस्ट आने पर शुरुआती कुछ मिनट बेहद अहम होते हैं। ऐसे में यदि सही समय पर सीपीआर दे दिया जाए, तो मरीज की जान बचने की संभावना काफी बढ़ जाती है।
कार्यक्रम में रिम्स के चिकित्सा अधीक्षक और एनेस्थीसियोलॉजी विभागाध्यक्ष सहित विभाग के अन्य संकाय सदस्य विशेष रूप से उपस्थित रहे। चिकित्सकों ने लोगों को आपातकाल के समय घबराने के बजाय पूरी सूझबूझ के साथ त्वरित और सही कदम उठाने के लिए प्रेरित किया।


