बिहार में बारिश से नदियां उफान पर

News Aroma Media
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पूर्णिया: पूर्णिया के अमौर क्षेत्र में दो दिनों से लगातार बारिश (Rain) हो रही है। जिले के कई गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है तो वही ग्रामीण क्षेत्र के प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री सड़कों पर दो फीट पानी चढ़ गया है।

जिससे लोगों के आवागमन में दिक्कत हो रही है। लोग इन क्षेत्रों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्र घोषित कर राहत दिए जाने और कम्युनिटी किचन शुरू कराने की अपील सरकार (government) से कर रहे हैं।

पूर्णिया (Purnia) के अमौर में कनकई नदी के बढ़ते जलस्तर के साथ ही गांवों में पानी घुस चुका है। कई लोग अब भी घरों में फंसे हुए है तो कई लोग गांव से बाहर पुल पर शरण ले रहे हैं।

प्रशासन की ओर से अबतक कोई व्यवस्था नहीं

लोगों के सामने अब खाने पीने की आफत आ गयी है। यहां रहने वाले लोगों के चूल्हे पर भी खतरा मंडराने लगा है। 24 घंटे में इस गांव में एक भी चूल्हा नहीं जला है।

खासकर कनकई नदी के उफान से प्रभावित नागरा टोली, कटहलबारी, सिमलवारी टोला, बाभनडोभ, ज्ञानडोभ,बगबना, हरिपुर, खारीमहीन गांव,चनकी,मीर टोला, तेलंगा, लालचूरा, सनीटोला,बलुआटोली, हफनिया, तालबारी, चौका डहुआबाड़ी, तालबारी महादिलत टोला, सुरजापुर जैसे दर्जन गांव में सभी के घरों में पानी घुस जाने से लोगों में अफरा तफरी का माहौल बना हुआ है।

कुछ लोग पैठान टोली पुल (Paithan Toli Bridge) मे शरण लिए हुए है। लोगों के घरों में पानी घुस जाने के कारण विगत 24 घंटे से खाना नहीं बना है। जिससे लोगों को समस्या हो गई है।

इधर प्रशासन की ओर से अबतक कोई व्यवस्था नहीं है। आपको बताते दें,अमौर प्रखंड विकास पदाधिकारी रघुनंदन आनंद, अंचालाधिकिरी सहदुल हक एवं कर्मचारी के द्वारा विभिन्न गांव पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया, साथ ही जनप्रतिनिधियों के साथ प्रखंड सभागार मे नोडल पदाधिकारी श्वेतम दीक्षित, प्रखंड विकास पदाधिकारी रघुनंदन आनंद, अंचालाधिकिरी सहदुल हक, मनरेगा कार्यक्रम पदाधिकारी प्रशान्त कुमार राय, समेकित बाल विकास परियोजना पदाधिकारी फिरदोस शेख, प्रखंड अमौर प्रमुख प्रतिनिधि अफसर नदवी, कर्मचारी, सभी मुखिया, सभी पंचायत समिति एवं लोगों के बीच आज संभावित बाढ आपदा को ले जानकारी ली गई साथ ही सभी मुखिया ने अपने क्षेत्र की समस्या को बताया और बाढ से संबंधित विभिन्न प्रकार के बिन्दुओ पर उल्लेख और चर्चा की, सभागार मे गणमान्य लोग मौजूद रहे।

बताया जा रहा है कि बाढ के कारण बीती रात से ही सिमलवारी नगरा टोली मे चार परिवार आज भी बीच पानी में फंसा है ।

ना NDRF टीम , और ना ही SDRF की टीम ही है। अमौर से ज्ञानडोभ जाने वाली सड़क के ऊपर तीन फिट पानी बह रहा है।

वही गांव जाने वाली मुख्यमंत्री (Chief Minister) सड़क के ऊपर से पानी बहने के कारण प्रखंड मुख्यालय से सम्पर्क भंग हो गया।जिससे लोगो का घरों से निकलना मुश्किल हो गया।

पीने के पानी मे भी संकट आ गया है, लोग बाढ का गंदा पीने के लिए मजबूर हो सकते हैं। लोगों की मांग है कि लोगों के लिए कम्युनिटी किचन चलाना बहुत जरुरी है। सभी जगह जलमग्न हो गया है। जिससे खाने खाने के लिए लोग मोहताज है।

सड़क के ऊपर से बह रहा पानी

परेशान हाल क्षेत्र का जायज़ा लेने पहुंचे अमौर विधानसभा के जदयू के पूर्व विधायक सबा ने अंचलाधिकारी से संपर्क कर अविलंब राहत सामग्री मुहैया करने की बात कही है।

लोग 24 घंटे से भूखे प्यासे हैं, बच्चे लेकर बिलख रहे हैं और प्रशासन की ओर से कोई ठोस व्यवस्था (solid system) नहीं होने के कारण लोगों में आक्रोश भी काफी है।

मुख्यमंत्री से अविलंब अमौर को बाढ़ प्रभावित घोषित कर राहत सामग्री मुहैया कराने की मांग की है। बैसा के काशीबारी तटबंध कटाव- महानंदा नदी में हुए उफान से दर्जनों गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। प्रधानमंत्री सड़क मार्ग बाधित हो पानी का बहाव हो रहा है।

जिस से छोटी बड़ी वाहनों का परिचालन ठप पड़ गया है।त्रासदी बाढ के कारण पानी निचले इलाकों में प्रवेश कर रही है। इलाके की कई सड़के पानी में डूब गयी है।

सड़क के ऊपर से पानी बह रहा है। इन सड़कों पर वाहन चलाना खतरे से खाली नहीं है। जबकि अमौर प्रखंड क्षेत्र से ताराबाडी क्षेत्र बायसी को जोड़ने वाली सड़क कच्ची बांध चनकी के समीप ध्वस्त हो गयी है। जिससे यातायात (transportation) पूरी तरह बाधित हो गया है।

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