
साईबाबा संस्थान ट्रस्ट,दासगणु भक्त मंडल,नानक साईं फाउंडेशन और साईं मानव सेवा ट्रस्ट और साईं धाम ट्रस्ट की पहल
शिरडी: रामनवमी के शुभ अवसर पर 25 मार्च को नानक साईं फाउंडेशन की ओर से शिरडी में एक भव्य साईं भक्त सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है जिसकी तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। यह विशाल सम्मेलन साईं मानव सेवा ट्रस्ट, साईं धाम ट्रस्ट,साईं बाबा संस्थान ट्रस्ट शिरडी और संत कवि दासगणू महाराज साईं भक्त मंडल के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। नानक साईं फाउंडेशन के चेयरमैन पंढरीनाथ बोकारे ने इस बाबत कहा कि यह सम्म्मेलन सभी साईं भक्तों के लिए खुला आमंत्रण है और देश भर से साईं भक्तों को बड़ी संख्या में इसमें भाग लेने की जरूरत है. इस सम्म्मेलन में मुंबई, महाराष्ट्र, उन्होंने कहा कि झारखंड,दिल्ली, हरियाणा,पंजाब,मध्य प्रदेश आदि राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहेंगे। फाउंडेशन के केंद्रीय उपाध्यक्ष पंढरीनाथ पगार ने कहा कि श्री साईबाबा संस्थान ट्रस्ट शिरडी और अन्य संस्थाओं के सहयोग एवं सामूहिक प्रयास के तहत बहुत सारे संस्थानों से पदाधिकारियों को आमंत्रित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि साईं बाबा संस्थान के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गोरक्ष गाडिलकर भी इस कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। इस विशाल साईं भक्त सम्मेलन में भजन,पालकी शोभायात्रा और साईं उपदेशों व विचारों के आदान-प्रदान जैसे विभिन्न भक्ति कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
केंद्रीय उपाध्यक्ष प्रीतम सिंह भाटिया ने कहा कि इस कार्यक्रम में आयोजकों की राय है कि साईं बाबा के “श्रद्धा और सबुरी” के संदेश को पूरे भारत में फैलाने के लिए ऐसे सभाओं व सम्मेलनों का आयोजन बहुत ही महत्वपूर्ण है। श्री भाटिया ने कहा कि झारखंड से 10 साईं भक्त इस सम्मेलन में विशिष्ट सम्मान से नवाजे जाएंगे। फाउंडेशन के संयुक्त सचिव सुनील निकम ने इस कार्यक्रम में भाग लेने और साईं बाबा का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए देश के अन्य राज्यों से भी ज्यादा से ज्यादा संख्या में श्रद्धालुओं को शामिल होने की अपील की है। नानक साईं फाउंडेशन के संयुक्त सचिव पंकज लोढ़ा ने कहा कि यह सम्म्मेलन साईं भक्तों के लिए एक साथ आने और अपने अनुभव साझा करने और उनके विश्वास को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण मंच होगा। नानक साईं फाउंडेशन द्वारा सम्मेलन की विशेष जानकारी के लिए पंढरीनाथ बोकारे 9823260073 और प्रीतम सिंह भाटिया का 9835343100 नंबर जारी किएं हैं ताकि भक्तों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
