
अभिनेत्री संजीदा शेख आज भी खुद को एक ऐसा कलाकार मानती हैं, जो लगातार सीखने की कोशिश करता है. हाल के वर्षों में वह कई बड़े प्रोजेक्ट्स का हिस्सा रही हैं. अनुभवी कलाकारों के साथ काम करने के अनुभव ने उनके अभिनय और काम करने के तरीके को और बेहतर बनाया है.
बड़े सितारों के साथ काम करने का नहीं था दबाव
संजीदा के मुताबिक अजय देवगन, अक्षय खन्ना और सनी देओल जैसे अनुभवी कलाकारों के साथ काम करना उनके लिए दबाव की वजह नहीं, बल्कि सीखने का शानदार अवसर रहा. उनका कहना है कि जब सामने इतने वर्षों का अनुभव रखने वाला कलाकार हो, तो आधी-अधूरी तैयारी के साथ सेट पर पहुंचने की कोई गुंजाइश नहीं रहती. ऐसे कलाकार हर सीन में अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए प्रेरित करते हैं.
‘धमाल 4’ के सेट पर मस्ती के साथ गंभीरता
फिल्म ‘धमाल 4’ की शूटिंग के दौरान संजीदा ने अरशद वारसी, जावेद जाफरी, अजय देवगन और बाकी कलाकारों के साथ खूब वक्त बिताया. वह बताती हैं कि सेट पर अक्सर हंसी-मजाक और बातचीत का माहौल रहता था. कई बार ऐसा लगता था कि कलाकार शूटिंग से ज्यादा दोस्त की तरह बातें कर रहे हैं, लेकिन कैमरा ऑन होते ही सभी अपने किरदार में पूरी तरह उतर जाते थे. संजीदा के लिए यही असली प्रोफेशनलिज्म है.
‘धमाल 5’ पर अभी चुप रहना चाहती हैं
‘धमाल 5’ को लेकर संजीदा ने फिलहाल किसी तरह की आधिकारिक जानकारी साझा करने से इनकार किया. उनका कहना है कि दर्शकों की तरह कलाकार भी फ्रेंचाइज की अगली फिल्म का इंतजार करते हैं. हालांकि किसी भी फ्रेंचाइज की अगली कड़ी को पर्दे पर लाने के पीछे एक लंबी प्रक्रिया होती है, इसलिए इसके बारे में अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी.
अक्षय खन्ना की एक्टिंग से मिली बारीकी सीख
संजीदा ने ‘इक्का’ के दौरान अक्षय खन्ना की अभिनय शैली से काफी कुछ सीखने की बात कही. वहीं ‘धमाल 4’ के सेट पर सनी देओल का अनुशासन उन्हें बेहद प्रेरित करता रहा. अभिनेत्री के मुताबिक अनुभवी कलाकारों की तैयारी, समय की समझ और काम के प्रति समर्पण ने उन्हें अपने प्रदर्शन को लेकर और गंभीर बनाया.
अजय देवगन की तकनीकी समझ से हुई प्रभावित
संजीदा ने अजय देवगन की तकनीकी समझ की भी तारीफ की. उन्होंने बताया कि एक्शन से जुड़े छह दिनों के सीक्वेंस को महज डेढ़ दिन में पूरा कर लिया गया. अजय की तैयारी और काम करने के तरीके को देखकर संजीदा काफी प्रभावित हुईं. उनके लिए यह अनुभव अभिनय के साथ-साथ फिल्म निर्माण के तकनीकी पक्ष को समझने का भी मौका रहा.
‘हीरामंडी’ और ‘धमाल 4’ बिल्कुल अलग दुनिया
संजीदा के लिए ‘हीरामंडी’ और ‘धमाल 4’ दो बिल्कुल अलग अनुभव रहे. ‘हीरामंडी’ के सेट पर माहौल गंभीर और भावनात्मक था, जबकि ‘धमाल 4’ में हंसी-मजाक और मस्ती का माहौल देखने को मिला. करीब 70 दिनों तक चली ‘हीरामंडी’ की शूटिंग को वह किसी अभिनय विद्यालय से कम नहीं मानतीं. उनके मुताबिक संजय लीला भंसाली कलाकार से उसका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन निकलवाने की कोशिश करते हैं.

