
टीवी की लोकप्रिय अभिनेत्री से लेकर पंजाबी सिनेमा की सफल स्टार और फिल्म प्रोड्यूसर बनने तक सरगुन मेहता का सफर प्रेरणादायक रहा है। उन्होंने अपनी मेहनत, दूरदर्शिता और अलग सोच के दम पर मनोरंजन जगत में एक मजबूत पहचान बनाई है। हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में सरगुन ने अपने करियर, फिल्म निर्माण और निजी जिंदगी से जुड़े कई अहम पहलुओं पर खुलकर बात की। उनका मानना है कि किसी भी सफल फिल्म की सबसे बड़ी ताकत उसका बजट नहीं, बल्कि दमदार कहानी, ईमानदार मेहनत और स्पष्ट इरादे होते हैं।
टीवी के सुनहरे दौर को किया याद
सरगुन ने टीवी इंडस्ट्री के पुराने दौर को याद करते हुए कहा कि वह समय कलाकारों के लिए बेहद खास था। उन्होंने बताया कि उस दौर में कलाकारों को बेहतरीन फीस मिलती थी और दर्शकों का जुड़ाव भी काफी मजबूत था। उन्होंने ‘नच बलिए’ का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय ऐसा महसूस होता था जैसे पूरा देश यही शो देख रहा हो। उनके अनुसार, उस दौर ने उन्हें अभिनय के साथ-साथ दर्शकों की पसंद और मनोरंजन की बदलती दुनिया को समझने का अवसर दिया।
फीस नहीं, मुनाफे में हिस्सेदारी बना टर्निंग प्वाइंट
सरगुन मेहता ने बताया कि पंजाबी फिल्म ‘काला शाह काला’ के दौरान निर्माताओं के पास उन्हें फीस देने के लिए पर्याप्त बजट नहीं था। ऐसे में उन्होंने पारिश्रमिक लेने के बजाय फिल्म के मुनाफे में हिस्सेदारी और प्रोड्यूसर का क्रेडिट स्वीकार करने का फैसला किया। यही निर्णय उनके करियर का सबसे बड़ा टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ। बाद में उन्होंने अपने पति रवि दुबे के साथ प्रोडक्शन हाउस शुरू किया, जिसने ‘उड़ारियां’ जैसे सफल टीवी शो और कई चर्चित प्रोजेक्ट्स दिए। उनका कहना है कि सफलता के लिए बड़ी रकम नहीं, बल्कि सही सोच और मजबूत इरादों की जरूरत होती है।
प्रेग्नेंसी अफवाहों पर दिया करारा जवाब
इंटरव्यू के दौरान सरगुन ने अपनी निजी जिंदगी को लेकर फैलने वाली अफवाहों पर भी नाराजगी जाहिर की। शादी के 13 साल बाद भी मां न बनने को लेकर अक्सर उनके बारे में तरह-तरह की खबरें सामने आती रहती हैं। उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षों से उन्हें लगातार प्रेग्नेंट बताया जा रहा है, जबकि इसमें कोई सच्चाई नहीं है। सरगुन ने बताया कि एक पोर्टल ने दावा किया था कि वह मुंबई के एक चाइल्ड क्लीनिक के बाहर नजर आई थीं, जबकि उस समय वह गोवा में थीं। उन्होंने साफ कहा कि फिलहाल वह मां बनने की योजना नहीं बना रही हैं और लोगों को उनकी निजी जिंदगी पर बेवजह अटकलें लगाने से बचना चाहिए। उनका मानना है कि हर व्यक्ति को अपनी जिंदगी के फैसले खुद लेने का अधिकार है और इस तरह की अफवाहें फैलाना पूरी तरह गैर-जिम्मेदाराना है।

