
नई दिल्ली: विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने उच्चतम न्यायालय के उस फैसले का बुधवार को स्वागत किया जिसमें कहा गया है कि केवल हिंदू, सिख और बौद्धों को ही अनुसूचित जाति के रूप में मान्यता दी जा सकती है। विहिप ने कहा कि यह फैसला संविधान की मूल भावना, सामाजिक न्याय और कानून के शासन को मजबूत करता है।
