सिंगापुर: सिंगापुर में कई कंपनियों के निदेशक रहे एक भारतीय नागरिक को 400 से अधिक प्रवासी श्रमिकों का वेतन नहीं दे पाने के बाद दिवालिया घोषित कर दिया गया है। मीडिया रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। ‘द स्ट्रेट्स टाइम्स’ की रिपोर्ट के मुताबिक, रामू पलानी वेलु के खिलाफ 13 अगस्त को दिवालिया आदेश जारी किया गया। वेलु सिंगापुर के स्थायी निवासी हैं। स्ट्रेट्स टाइम्स ने गुरुवार को बताया कि रामू पलानी वेलू के खिलाफ 13 अगस्त को दिवालियापन का आदेश जारी किया गया था। वह सिंगापुर के स्थायी निवासी हैं। जब वेतन भुगतान न होने का मामला सुर्खियों में आया, उस समय रामू देश से बाहर थे।

वह 26 जून को वापस लौटे और तब से एमओएम को उसकी जांच में सहायता कर रहे हैं। विधि मंत्रालय के दिवालियापन कार्यालय के रिकॉर्ड के अनुसार, रामू ने 9 जुलाई को दिवालियापन के लिए आवेदन किया था। रिपोर्ट में कहा गया है कि वेतन का भुगतान करने में विफल रहने वाले नियोक्ताओं को प्रति आरोप 3,000 अमेरिकी डॉलर से लेकर 15,000 अमेरिकी डॉलर तक का जुर्माना और साथ ही छह महीने तक की कैद का सामना करना पड़ सकता है।


