SKS Ispat Faces Strict Action in Coal Scam: दिल्ली की सीबीआई की विशेष अदालत ने कोयला घोटाले के एक मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने SKS Ispat and Power Limited को दोषी ठहराते हुए 50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
इसके साथ ही कंपनी के तीन अधिकारियों को अलग-अलग अवधि की जेल की सजा और जुर्माना भी सुनाया गया है।

यह मामला रवानवारा कोल ब्लॉक (Ravanwara Coal Block) के आवंटन से जुड़ा है, जिसमें कंपनी पर गलत जानकारी देने का आरोप साबित हुआ है।
गलत जानकारी देकर कोल ब्लॉक लेने का आरोप साबित
अदालत ने सुनवाई के बाद पाया कि कंपनी ने कोल ब्लॉक पाने के लिए गलत तथ्यों का सहारा लिया था। इस मामले में कंपनी के निदेशक दीपक गुप्ता को तीन साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है और उन पर 10 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
वहीं कंपनी के अधिकारी S.N. Dwivedi को दो साल की जेल और 20 हजार रुपये का जुर्माना दिया गया है। तीसरे आरोपी अमित सिंह को एक साल की सजा और 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
2014 में दर्ज हुआ था मामला
सीबीआई ने इस मामले में अगस्त 2014 में प्राथमिकी दर्ज की थी। जांच में सामने आया कि कंपनी ने कोल ब्लॉक के आवंटन के लिए अपने नेट वर्थ, उत्पादन क्षमता, जमीन और पर्यावरण मंजूरी से जुड़ी गलत जानकारी दी थी।
CBI ने जांच पूरी होने के बाद कंपनी और उसके अधिकारियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया।
अदालत ने माने आरोप सही
लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने आरोप पत्र में दिए गए तथ्यों को सही पाया और सभी दोषी अधिकारियों को सजा सुनाई। यह फैसला कोयला घोटाले (Coal Scam) से जुड़े मामलों में एक अहम कदम माना जा रहा है।




