वाराणसी: ‘बाहुबली’ के बाद फिर नई भाषा बनाएंगे एसएस राजामौली, ‘वाराणसी’ में गुफा के रहस्य खोलेंगे महेश बाबू!

Manu Shrivastava
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एसएस राजामौली अपनी फिल्मों में कुछ नया और भव्य दिखाने के लिए जाने जाते हैं. अब उनकी आगामी फिल्म ‘वाराणसी’ को लेकर एक दिलचस्प जानकारी सामने आई है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, निर्देशक इस फिल्म के लिए एक नई काल्पनिक भाषा तैयार कर रहे हैं. खास बात यह है कि इस भाषा की अपनी लिपि, व्याकरण और वाक्य संरचना भी होगी. इससे फिल्म की कहानी में रहस्य और रोमांच का नया रंग जुड़ सकता है.

 गुफा में छिपे प्राचीन लेख खोलेंगे रहस्य

बताया जा रहा है कि फिल्म में समय यात्रा से जुड़ा एक महत्वपूर्ण सीक्वेंस होगा. इस दौरान किरदारों को एक गुफा के अंदर प्राचीन लेख मिलते हैं. इन लेखों में छिपे रहस्यों को समझने के लिए उन्हें एक अनजान भाषा सीखनी पड़ती है. ऐसे में काल्पनिक भाषा सिर्फ कहानी का हिस्सा नहीं होगी, बल्कि घटनाओं को आगे बढ़ाने में भी अहम भूमिका निभा सकती है.

‘बाहुबली’ में भी रच चुके हैं नई भाषा

राजामौली इससे पहले अपनी सुपरहिट फिल्म ‘बाहुबली’ के लिए किलिकी या किलिकिली नाम की काल्पनिक भाषा का इस्तेमाल कर चुके हैं. इस भाषा को खास तौर पर फिल्म की दुनिया और उसके किरदारों के लिए तैयार किया गया था. अब ‘वाराणसी’ में एक नई भाषा का प्रयोग उनकी रचनात्मक सोच और काल्पनिक दुनिया को विस्तार देने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है.

 महेश बाबू और प्रियंका चोपड़ा की दमदार जोड़ी

‘वाराणसी’ में महेश बाबू, प्रियंका चोपड़ा जोनस और पृथ्वीराज सुकुमारन नजर आएंगे. फिल्म का निर्देशन एसएस राजामौली कर रहे हैं. इसकी कहानी में जंगलों का रोमांच, साहसिक सफर और समय यात्रा जैसे तत्व शामिल होने की बात कही जा रही है. फिल्म को बड़े स्तर पर तैयार किया जा रहा है.

 एमएम कीरवानी संभालेंगे संगीत की जिम्मेदारी

फिल्म के संगीत की जिम्मेदारी ऑस्कर विजेता संगीतकार एमएम कीरवानी संभाल रहे हैं, जबकि केएल नारायण इसके निर्माता हैं. राजामौली और कीरवानी की जोड़ी पहले भी कई चर्चित फिल्मों में साथ काम कर चुकी है. ऐसे में फिल्म के संगीत और बैकग्राउंड स्कोर से भी दर्शकों को काफी उम्मीदें हैं.

 2027 में दुनियाभर में रिलीज होगी फिल्म

रिपोर्ट्स के अनुसार, ‘वाराणसी’ को 7 अप्रैल 2027 को दुनियाभर में रिलीज करने की तैयारी है. फिल्म में नई भाषा, प्राचीन लेखों और समय यात्रा का मेल दर्शकों के लिए खास आकर्षण बन सकता है. अब देखना होगा कि राजामौली अपनी इस नई कल्पनात्मक दुनिया को पर्दे पर किस तरह पेश करते हैं.

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