बॉलीवुड अभिनेता सनी देओल की आगामी फिल्म ‘सूर्या: अंत से आरंभ तक’ रिलीज से पहले विवादों में घिरती नजर आ रही है। भारतीय चिकित्सा संघ (IMA) ने फिल्म में डॉक्टरों और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र के चित्रण को लेकर केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से संपर्क किया है। इस घटनाक्रम ने फिल्म की कहानी और प्रचार सामग्री को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

डॉक्टरों के चित्रण पर IMA की आपत्ति
रिपोर्ट्स के मुताबिक, IMA ने फिल्म की प्रचार सामग्री पर आपत्ति जताई है। चिकित्सा संगठन को आशंका है कि इसमें डॉक्टरों के खिलाफ हिंसा को जिस तरह दिखाया गया है, उससे चिकित्सा पेशे की छवि प्रभावित हो सकती है। साथ ही, स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में भ्रष्टाचार को व्यापक समस्या के रूप में प्रस्तुत किए जाने की संभावना पर भी चिंता जताई गई है।
कार्रवाई और प्रतिबंध की मांग
बताया जा रहा है कि IMA ने फिल्म निर्माताओं से सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की है। संगठन ने यह भी अनुरोध किया है कि यदि कानून के तहत जरूरी हो, तो फिल्म पर प्रतिबंध लगाने पर विचार किया जाए। हालांकि, इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होगी, यह संबंधित अधिकारियों के निर्णय पर निर्भर करेगा।
सेंसर बोर्ड ने क्या कहा?
केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) के अनुसार, फिल्म को अभी प्रमाणपत्र नहीं मिला है। ऐसे में फिल्म की रिलीज से पहले प्रमाणन प्रक्रिया और विवाद से जुड़े घटनाक्रम पर नजर बनी हुई है।
क्या रिलीज पर पड़ेगा असर?
फिल्म को लेकर उठे सवालों ने सिनेमा में डॉक्टरों और स्वास्थ्य व्यवस्था के चित्रण पर बहस तेज कर दी है। अब देखना होगा कि निर्माताओं की ओर से कोई बदलाव किया जाता है या नहीं और इस विवाद का फिल्म की रिलीज पर क्या असर पड़ता है। फिलहाल, रिलीज को लेकर किसी बदलाव की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।


