

नयी दिल्ली: उच्चतम न्यायालय ने शनिवार को राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के 2017 के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें 2016 में आयोजित विश्व संस्कृति महोत्सव के कारण यमुना के बाढ़ क्षेत्र को हुए नुकसान के लिए श्री श्री रविशंकर के ‘आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन’ को जिम्मेदार ठहराया गया था।





न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्मा और न्यायमूर्ति एन के सिंह की पीठ ने दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) को फाउंडेशन द्वारा जमा कराए गए पांच करोड़ रुपये के पर्यावरणीय मुआवजे को वापस करने का निर्देश दिया।
