
पटना। बिहार विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी यादव रविवार को पटना के मिलर स्कूल ग्राउंड में आयोजित संत रविदास जयंती समारोह में शामिल हुए। तेजस्वी यादव ने वहां मौजूद जनसमुदाय को संबोधित करते हुए राज्य की वर्तमान सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दलित व पिछड़ा समाज के प्रति सरकारी उपेक्षा को लेकर गंभीर आरोप लगाए।
तेजस्वी यादव ने कहा कि वर्तमान शासन व्यवस्था ‘अमीरों की सरकार’ है, जिसे गरीबों के दुख-दर्द से कोई सरोकार नहीं है। उन्होंने कहा कि संत रविदास जी की विचारधारा ही राजद और लालू प्रसाद यादव की असली ताकत है।
तेजस्वी यादव ने जोर देकर कहा कि समाज से भेदभाव, ऊंच-नीच और छुआछूत को समाप्त कर सबको समान अधिकार और मान-सम्मान दिलाना ही उनकी राजनीति का मुख्य उद्देश्य है।
उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे संत रविदास और डॉ. अंबेडकर के संघर्षों को पढ़ें और उनके बताए मार्ग पर चलकर अपने अधिकारों की रक्षा करें। राजद नेता ने केंद्र और राज्य सरकार पर संविधान को कमजोर करने का आरोप लगाया। तेजस्वी यादव ने कहा कि महागठबंधन सरकार के दौरान उन्होंने आरक्षण को 65 फीसदी तक बढ़ाया था, लेकिन ‘बेईमान’ ताकतों ने इसे खत्म करने का प्रयास किया।
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर बाबा साहब का संविधान खत्म हुआ, तो आम आदमी से वोट देने का अधिकार भी छिन जाएगा। तेजस्वी यादव ने वर्तमान शासन को ‘धनतंत्र’ करार देते हुए कहा कि ये लोग केवल सत्ता के भूखे हैं। शराबबंदी कानून पर प्रहार करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि यह कानून केवल कागजों पर सीमित है।
हकीकत में पूरे बिहार में धड़ल्ले से शराब बिक रही है, लेकिन पुलिस की लाठियों और जेल की सलाखों का शिकार केवल दलित और पिछड़ा समाज का गरीब व्यक्ति हो रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस कानून की आड़ में गरीबों का उत्पीड़न बढ़ गया है और असली माफिया खुलेआम घूम रहे हैं। तेजस्वी यादव ने राज्य में बढ़ते भ्रष्टाचार और बेरोजगारी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि आज ब्लॉक और थाना स्तर पर बिना रिश्वत के कोई काम नहीं होता।
उन्होंने अपने 17 महीनों के कार्यकाल की याद दिलाते हुए कहा कि उस समय उन्होंने 5 लाख सरकारी नौकरियां दी थीं और 2 लाख शिक्षकों की बहाली कराई थी। लेकिन अब फिर से नियुक्तियों में धांधली और पेपर लीक का खेल शुरू हो गया है, जिससे योग्य युवाओं का भविष्य दांव पर लगा है।
तेजस्वी यादव ने कहा कि वर्तमान सरकार गरीबों को बसाने के बजाय उनके आशियाने उजाड़ने का काम कर रही है। सड़क किनारे ठेला लगाने वाले, मछली और सब्जी बेचने वाले छोटे दुकानदारों को प्रशासन द्वारा प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने मंच से हुंकार भरते हुए कहा कि बिहार की जनता अब जागरूक हो चुकी है और इस ‘ठग’ सरकार को समय आने पर करारा जवाब देगी।
