
टीवी सीरियल झांसी की रानी से घर-घर में पहचान बनाने वाली अभिनेत्री उल्का गुप्ता ने मनोरंजन जगत के एक कड़वे सच का खुलासा किया है। हाल ही में The Kerala Story 2 को लेकर चर्चा में रहीं उल्का ने बताया कि करियर की शुरुआत में उन्हें केवल सांवली त्वचा के कारण कई बार रिजेक्शन झेलना पड़ा। एक इंटरव्यू के दौरान अभिनेत्री ने अपने बचपन का दर्द साझा करते हुए कहा कि एक बड़े प्रोजेक्ट के ऑडिशन में उन्हें सीधे यह कहकर मना कर दिया गया था कि मुख्य भूमिका के लिए केवल गोरी लड़कियों को चुना जाएगा।
“मैं घंटों रोती रही”
उल्का ने बताया कि उस समय वह बहुत छोटी थीं और इंडस्ट्री में कदम रख रही थीं। ऐसे में यह बात उनके दिल पर गहरा असर छोड़ गई। उन्होंने कहा कि उस घटना के बाद वह घर आकर घंटों तक रोती रहीं, क्योंकि एक बच्ची के रूप में वह यह समझ नहीं पा रही थीं कि उनके टैलेंट से ज्यादा उनके रंग को महत्व क्यों दिया जा रहा है। अभिनेत्री के अनुसार, उस अनुभव ने उन्हें मानसिक रूप से काफी मजबूत बनाया और उन्होंने तय किया कि वह अपनी मेहनत और अभिनय के दम पर खुद को साबित करेंगी।
बदल रही है इंडस्ट्री की सोच
उल्का गुप्ता का मानना है कि अब धीरे-धीरे सिनेमा और मनोरंजन जगत में बदलाव देखने को मिल रहा है। आज के समय में रंग के बजाय अभिनय और प्रतिभा को अधिक महत्व दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी का सिनेमा विविधता और वास्तविकता को अपनाने लगा है, जो एक सकारात्मक बदलाव है। सोशल मीडिया पर भी उल्का का यह बयान तेजी से वायरल हो रहा है और लोग उनकी बेबाकी की सराहना कर रहे हैं।

