Forbes सूची में मुकेश फिर एशिया के सबसे रईस, 14 वें स्थान पर पहुंचे चीनी उद्यमी झोंग शानशान

News Aroma Media
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मुंबई: हाल ही में खबर आई थी कि मुकेश अंबानी अब एशिया के सबसे अमीर शख्स नहीं रहे हैं, उन्हें चीन के झोंग शानशान ने पछाड़ दिया है।

फोर्ब्स की रियल टाइम बिलियनेर की सूची के मुताबिक एक बार फिर से मुकेश अंबानी ने एशिया के सबसे रईस शख्स का खिताब हासिल कर लिया है।

फोर्ब्स की दुनिया के टॉप-10 अमीरों की सूची से कुछ समय के लिए बाहर हुए मुकेश अंबानी फिर से 9वें पायदान पर पहुंच गए हैं, जबकि चीन के झोंग शानशान 14वें स्थान पर जा पहुंचे हैं।

फोर्ब्स की रियल-टाइम बिलियनेर रैंकिंग्स से हर रोज पब्लिक होल्डिंग्स में होने वाले उतार-चढ़ाव के बारे में जानकारी मिलती है। दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में यह इंडेक्स शेयर बाजार खुलने के बाद हर 5 मिनट में अपडेट होता है।

वहीं दूसरी ओर जिन लोगों की संपत्ति किसी प्राइवेट कंपनी से जुड़ी हुई होती है, उनका नेटवर्थ पूरे दिन में एक बार अपडेट होता है।

ब्लूमबर्ग बिलिनियर्स इंडेक्स के मुताबिक 2020 में शानशान की संपत्ति 7 अरब डॉलर बढ़ी थी।

ब्लूमबर्ग बिलिओनेयर इंडेक्स के मुताबिक नांगफू और वानताई जैसी कंपनियों के मालिक चीन के झोंग शैनशैन 77.8 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ एशिया के अमीरों की सूची में पहले नंबर पहुंच गए थे और मुकेश अंबानी 76.6 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ दूसरे स्थान पर खिसक गए थे।

66 साल के झोंग को चीन के बाहर शायद ही कोई जानता है।

उन्होंने अप्रैल में वैक्सीन बनाने वाली कंपनी बीजिंग वानताई बायोलाजिकल फार्मेसी इंटरप्राइज कंपनी को पब्लिक किया और फिर कुछ महीने बाद ही बोतलबंद पानी बनाने वाली उनकी कंपनी नांगफू स्प्रिंग कंपनी की हांगकांग में जोरदार लिस्टिंग की।

लिस्ट होने के बाद से कंपनी का शेयर 155 फीसदी चढ़ चुका है। इसी तरह वानताई का शेयर 2000 फीसदी से ज्यादा चढ़ चुका है। इस तरह वह इतिहास में सबसे तेजी से दौलत कमाने वाले अमीरों की सूची में आ गए हैं।

नांगफू के शेयरों में तब उछाल आई जब सिटीग्रुप इंक ने कहा कि कंपनी ने मार्केट में अपने दबदबे को बढ़ाया है और उसके पास पर्याप्त नकदी है।

झोंग की दूसरी कंपनी वानताई कोविड-19 का वैक्सीन विकसित कर रही है।

सरकारी जांच का दायरा बढ़ने से चीन की टेक कंपनियों के शेयरों में गिरावट आई है, जिसका फायदा झोंग को मिला।

जैक मा की संपत्ति अक्टूबर में 61.7 अरब डॉलर थी जो अब घटकर 51.2 अरब डॉलर रह गई है।

ऐसा नहीं है कि किस्मत झोंग पर ऐसे ही मेहरबान हो गई। उन्होंने कई क्षेत्रों में किस्मत आजमाई और फिर इस मुकाम पर पहुंचे।

एशिया के सबसे अमीर शख्स बनने से पहले उन्होंने जर्नलिज्म, मशरूम की खेती से लेकर स्वास्थ्य क्षेत्र में हाथ आजमाया और सफलता की सीढ़ियां चढ़ते गए। झोंग राजनीति से बहुत दूर रहते हैं।

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