चंद्रबाबू नायडू की जमानत याचिका से हाई कोर्ट के इस जज ने खुद को किया अलग

जब याचिका पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए आई तो जज ने यह कहते हुए खुद को इससे अलग कर लिया कि "मेरे सामने नहीं

News Aroma Media
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अमरावती : आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट के जस्टिस वेंकट ज्योतिर्मई प्रताप ने शुक्रवार को कौशल विकास निगम घोटाले (Skill Development Corporation Scam) में पूर्व मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू (N. Chandrababu Naidu) की अंतरिम जमानत याचिका पर सुनवाई से खुद को अलग कर लिया।

जब याचिका पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए आई तो जज ने यह कहते हुए खुद को इससे अलग कर लिया कि “मेरे सामने नहीं।”

अब चीफ जस्टिस तय करेंगे कि याचिका पर कौन सी पीठ मामले की सुनवाई करेगी।

नायडू के वकीलों ने गुरुवार को एक हाउस मोशन याचिका (House Motion Petition) दायर कर अदालत से जमानत याचिका पर तत्काल सुनवाई करने का आग्रह किया था। नायडू की दाहिनी आंख की मोतियाबिंद की सर्जरी होनी है।

चंद्रबाबू नायडू की जमानत याचिका से हाई कोर्ट के इस जज ने खुद को किया अलग-This High Court judge recused himself from Chandrababu Naidu's bail plea

वर्तमान में राजमुंड्री सेंट्रल जेल में हैं बंद

इससे पहले विजयवाड़ा की अदालत ने 9 अक्टूबर को उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी।

तेलुगु देशम पार्टी (TDP) सुप्रीमो ने इस आदेश को उच्च न्यायालय में चुनौती दी है।

अपराध जांच विभाग (CID) ने 9 सितंबर को कौशल विकास घोटाले (Skill Development Scam) में नायडू को गिरफ्तार किया था, जो कथित तौर पर उनके मुख्यमंत्री रहते हुए हुआ था। वह न्यायिक हिरासत में रहे और वर्तमान में राजमुंड्री सेंट्रल जेल में बंद हैं।

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