झारखंड हाई कोर्ट ने इनसे कहा- तीन सप्ताह में जवाब दें, नहीं तो लगा देंगे इतने का जुर्माना

भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग सहित सभी संबंधित विश्वविद्यालयों के कुलपतियों और रजिस्ट्रार को शपथ पत्र दायर कर जवाब देने का निर्देश दिया है

News Aroma
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Jharkhand High Court : झारखंड हाई कोर्ट (Jharkhand High Court) ने राज्य के पांच विश्वविद्यालयों में कुलपतियों की नियुक्ति को चुनौती देनेवाली याचिका पर झारखंड सरकार, भारत सरकार, राज्य के उच्च शिक्षा विभाग (Higher Education Department) के प्रधान सचिव, उच्च शिक्षा निदेशक, राज्यपाल के प्रधान सचिव, सर्च कमिटी के समन्वयक, भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग सहित सभी संबंधित विश्वविद्यालयों के कुलपतियों और रजिस्ट्रार को शपथ पत्र दायर कर जवाब देने का निर्देश दिया है।

याचिका में इन सभी को प्रतिवादी बनाया गया है। जस्टिस डॉ SN पाठक के कोर्ट द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि सभी संबंधित प्रतिवादी तीन हफ्ते के अंदर Counter Affidavit दायर नहीं करते हैं, तो प्रत्येक पर पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया जायेगा।

साल 2022 में हुई थी कुलपतियों की नियुक्ति

राज्य में वर्ष 2022 में रांची University , डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी यूनिवर्सिटी, जमशेदपुर वीमेंस यूनिवर्सिटी, झारखंड स्टेट ओपेन University और विनोद बिहारी महतो कोयलांचल यूनिवर्सिटी में कुलपतियों की नियुक्ति की गयी थी।

नियुक्ति के नियमों का अनुपालन नहीं करने का आरोप

कोर्ट में दायर याचिका में इन नियुक्तियों में नियमों का अनुपालन नहीं किये जाने का आरोप लगाया गया है। याचिका में कहा गया है कि नियुक्तियों के लिए जो सर्च कमिटी बनी, उसने भी नियमों की अनदेखी की।

इसमें कहा गया है कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की ओर से कुलपति की नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर जो नियमावली निर्धारित है, उसे नजरअंदाज कर अनिवार्य योग्यता नहीं रखनेवाले उम्मीदवारों का चयन कर लिया गया।

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