रांची : झारखंड में संगठित अपराध एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। राज्य में कई आपराधिक गिरोह सक्रिय हैं, लेकिन हाल के दिनों में राहुल दुबे और राहुल सिंह के गिरोहों की गतिविधियां तेजी से बढ़ी हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इन दोनों गिरोहों के सदस्य पहले कुख्यात अपराधी अमन साहू (मृत) के गिरोह के लिए काम कर चुके हैं। अब ये अपने-अपने नेटवर्क के जरिए अलग-अलग इलाकों में अपराध को अंजाम दे रहे हैं।
कारोबारियों को निशाना बनाकर वसूली
इन गिरोहों का मुख्य मकसद लेवी वसूली बताया जा रहा है। इसके लिए ये अपराधी कारोबारियों के घरों, कंस्ट्रक्शन साइटों और कोल परियोजनाओं के आसपास फायरिंग कर दहशत फैलाते हैं। डर के माहौल में लोग उनकी मांग मानने को मजबूर हो जाते हैं। इससे आम जनता और व्यापारियों में असुरक्षा की भावना बढ़ गई है।
किन जिलों में कौन सा गिरोह सक्रिय
जानकारी के मुताबिक राहुल दुबे साहू गिरोह रांची, रामगढ़, हजारीबाग और चतरा में सक्रिय है। वहीं राहुल सिंह गिरोह रांची, पलामू, लातेहार और हजारीबाग में अपनी पकड़ बनाए हुए है। इसके अलावा पांडेय गिरोह रामगढ़, हजारीबाग, चतरा और पलामू में सक्रिय है। अखिलेश सिंह गिरोह जमशेदपुर में, श्रीवास्तव गिरोह रांची, रामगढ़, हजारीबाग, चतरा और लातेहार में काम कर रहा है। प्रिंस खान गिरोह धनबाद और बोकारो में, सुजीत सिन्हा गिरोह पलामू, गढ़वा, लातेहार और रांची में, जबकि लव कुश शर्मा गिरोह सिर्फ रांची में सक्रिय बताया गया है।
पुलिस की सख्त कार्रवाई
संगठित अपराध के बढ़ते मामलों को देखते हुए झारखंड पुलिस ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। हाल के महीनों में पुलिस मुठभेड़ में दो कुख्यात अपराधी मारे गए हैं। झारखंड एटीएस द्वारा की गई ठोस कार्रवाइयों के कारण संगठित अपराध की घटनाओं में कुछ हद तक कमी भी दर्ज की गई है। पुलिस का कहना है कि आगे भी ऐसे गिरोहों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।




