Management Responds to Misleading Allegations : RIMS (राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान) के प्रबंधन ने साफ किया है कि संस्थान के निदेशक प्रो. डॉ. राजकुमार (Prof. Dr. Rajkumar) के खिलाफ कुछ लोग जानबूझकर गलत और भ्रामक बातें फैला रहे हैं।
प्रबंधन का कहना है कि ये आरोप निराधार हैं और इनका उद्देश्य संस्थान व निदेशक की छवि को नुकसान पहुंचाना है।

गलत प्रचार का कारण बताया गया
प्रबंधन के अनुसार, RIMS में काम कर रहे कुछ ठेकेदारों के खिलाफ पहले वित्तीय अनियमितताओं के मामले सामने आए थे। इन मामलों में नियम के अनुसार कार्रवाई शुरू की गई थी।
इसी कार्रवाई से नाराज होकर कुछ लोग संस्थान और निदेशक के खिलाफ गलत बातें फैला रहे हैं, ताकि दबाव बनाया जा सके।
जांच के लिए पूरी तरह तैयार
प्रबंधन ने भरोसा दिलाया है कि वह किसी भी तरह की जांच से पीछे नहीं हटेगा। संस्थान पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ काम कर रहा है। अगर किसी भी स्तर पर जांच होती है, तो रिम्स हर तरह से सहयोग करेगा।
आम लोगों से अपील
प्रबंधन ने आम जनता से अपील की है कि वे संस्थान और निदेशक के खिलाफ फैलाए जा रहे भ्रामक और दुर्भावनापूर्ण प्रचार (Malicious Propaganda) पर विश्वास न करें। बिना तथ्यों की पुष्टि किए किसी भी खबर को सच मानना सही नहीं है।

पिछले दो वर्षों में हुए सुधार
प्रबंधन ने बताया कि पिछले दो वर्षों में निदेशक प्रो. डॉ. राजकुमार के नेतृत्व में RIMS में कई महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं।
मरीजों को बेहतर इलाज देने के लिए आधुनिक और उन्नत मशीनें खरीदी गई हैं। इन सुधारों का उल्लेख रिम्स की वार्षिक रिपोर्ट में भी किया गया है।
टेंडर प्रक्रिया पर भी सफाई
रिम्स ने यह भी स्पष्ट किया कि संस्थान में सभी टेंडर राज्य सरकार की State Procurement Policy के तहत पूरी पारदर्शिता के साथ किए जाते हैं।
सीमित संसाधनों के बावजूद रिम्स बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए लगातार प्रयासरत है।
यह पूरा मामला बताता है कि संस्थान अपनी जिम्मेदारियों को गंभीरता से निभा रहा है और गलत आरोपों से डरने के बजाय सच्चाई के साथ सामने खड़ा है।




