
रांची : रांची में एटीएस कांड संख्या 10/23 से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। आरोपी सुरेंद्र कुमार की ओर से दायर याचिका पर सोमवार को सुनवाई हुई। याचिका में निचली अदालत द्वारा गैरकानूनी गतिविधि (निवारण) अधिनियम यानी यूएपीए के तहत लिए गए संज्ञान और आरोप तय करने को चुनौती दी गई थी। सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को गलत बताते हुए उसे रद्द कर दिया।
आरोपियों को मिली बड़ी राहत
हाईकोर्ट के इस फैसले से गैंगस्टर अमन श्रीवास्तव, सुरेंद्र कुमार और अन्य आरोपियों को बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इस मामले में यूएपीए के तहत कार्रवाई उचित नहीं थी। इसलिए अब इस मामले की सुनवाई केवल भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धाराओं के तहत ही आगे बढ़ेगी। यह सुनवाई झारखंड हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति दीपक रोशन की अदालत में हुई।
कई लोगों पर पहले ही हो चुका है आरोप गठन
जानकारी के अनुसार एटीएस की विशेष अदालत ने पहले इस मामले में अमन श्रीवास्तव के अलावा इजाज अंसारी, मिंकू खान, फिरोज खान, जहीर अंसारी, सुरेंद्र कुमार और मो. आलम उर्फ नेपाली के खिलाफ आरोप तय किए थे। इन सभी पर आपराधिक साजिश रचकर रंगदारी वसूलने का आरोप लगाया गया था।
रंगदारी वसूली से जुड़ा है मामला
बताया जाता है कि एटीएस टीम ने 20 जुलाई 2023 को रंगदारी वसूली के मामले में इजाज अंसारी को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के समय उसके पास से 49.84 लाख रुपये भी बरामद किए गए थे। जांच में सामने आया था कि वह गैंगस्टर अमन श्रीवास्तव के निर्देश पर कारोबारियों से रंगदारी वसूल रहा था। इसी मामले में आगे चलकर अन्य आरोपियों के नाम भी सामने आए।

