Custodial death case: झारखंड हाईकोर्ट में हिरासत में कथित यातना और मौत से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान कई अहम बातें सामने आईं।
शाइदा खातून व अन्य की ओर से दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने Medinirai Medical College Hospital, पलामू का मूल एडमिशन रजिस्टर मंगवाया।

Medical Superintendent Dr. Ajay Kumar स्वयं रजिस्टर लेकर अदालत में उपस्थित हुए।
रिकॉर्ड की जांच पर कोर्ट की नजर
खंडपीठ ने रजिस्टर का अवलोकन करने के बाद उसे वापस सौंप दिया, लेकिन संबंधित पन्नों की स्कैन कॉपी सुरक्षित रखने का निर्देश दिया।
सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि जिन दस्तावेजों पर राज्य सरकार भरोसा कर रही थी, वे रिकॉर्ड पर उपलब्ध नहीं थे।
इस पर Court ने राज्य को निर्देश दिया कि अगली सुनवाई से पहले शपथ पत्र के माध्यम से सभी जरूरी दस्तावेज पेश किए जाएं।

दस्तावेजों में अंतर से बढ़ी चिंता
याचिकाकर्ताओं की ओर से कहा गया कि एडमिशन रजिस्टर में दर्ज Registration नंबरों के क्रम में अंतर है, जो गंभीर विसंगति की ओर इशारा करता है। राज्य के वकील ने माना कि नंबरों में अंतर क्यों है, यह फिलहाल स्पष्ट नहीं है।
रजिस्ट्रेशन नंबरों पर उठे सवाल
याचिका में आरोप लगाया गया है कि Supreme Court द्वारा डी.के. बसु मामले में दिए गए दिशा-निर्देशों का पालन नहीं किया गया।
बताया गया कि मृतक को 1 मार्च 2025 को हिरासत में लिया गया था और बाद में इलाज के लिए रिम्स, रांची भेजा गया। रिम्स के बेड टिकट के अनुसार डॉक्टर ने उसे 7 मार्च 2025 को पहली बार देखा।
मामले की अगली सुनवाई तय
कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 10 मार्च 2026 को तय की है। अब सभी की नजर अगली तारीख पर टिकी है, जब दस्तावेजों के आधार पर आगे की तस्वीर साफ हो सकेगी।




