चौकीदारों पर लाठीचार्ज से गरमाई विधानसभा, सीएम नीतीश और भाई वीरेंद्र में तीखी तकरार

Vinita Choubey
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पटना: प्रदर्शन कर रहे चौकीदारों पर सोमवार को हुए लाठीचार्ज का मामला मंगलवार को बिहार विधानसभा में जमकर गरमाया। विपक्ष ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए सदन में जोरदार हंगामा किया। हालात ऐसे बने कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और राजद विधायक भाई वीरेंद्र के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही राजद विधायक कुमार सर्वजीत ने चौकीदारों की पिटाई का मुद्दा उठाया और सरकार पर सवाल खड़े किए। इसके बाद विपक्षी सदस्य “लाठी-गोली की सरकार नहीं चलेगी” के नारे लगाते हुए वेल में पहुंच गए। कई विधायक हाथों में तख्तियां लेकर विरोध प्रदर्शन करने लगे। स्थिति को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने मार्शलों को तख्तियां हटाने का निर्देश दिया। इस दौरान मार्शलों और विधायकों के बीच पोस्टर छीनने को लेकर धक्का-मुक्की भी हुई, जिससे माहौल और गरमा गया।

हंगामे के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी सीट से खड़े हो गए। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, “हम लोग 2002 हैं, आप लोग कितने हैं… बेकार का हो-हल्ला मत कीजिए। आप लोगों ने कभी कोई काम किया है क्या?” दरअसल, एनडीए के विधायकों की संख्या 202 है, लेकिन मुख्यमंत्री से गलती से 2002 निकल गया। मुख्यमंत्री ने भाई वीरेंद्र और कुमार सर्वजीत की ओर इशारा करते हुए कहा कि बिना मतलब की बातें न करें और अपनी संख्या भी देख लें। जब भाई वीरेंद्र बोलने के लिए खड़े हुए तो मुख्यमंत्री ने आपत्ति जताई और कहा कि सरकार विपक्ष की बातें सुनती है, लेकिन बेवजह आरोप लगाना ठीक नहीं है।

नीतीश कुमार ने कहा, आप बेमतलब मत बोलिए, चुपचाप बैठिए। हम तो हमेशा आपकी बातें सुनते रहते हैं। पहले कितना काम होता था, यह भी बताइए।” उन्होंने यह भी कहा कि “एक-दो बार गलती से आप लोगों को अपने साथ रखा, लेकिन जब आप लोग इधर-उधर करने लगे तो हमने तय कर लिया कि अब साथ नहीं रहना है। अब कभी माफ नहीं करेंगे। आपकी सरकार ने कभी कोई काम किया है क्या? जो काम हुआ है, वह हमारे समय में हुआ।

मुख्यमंत्री के लगातार बोलते रहने पर उनके बगल में बैठे संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी उन्हें शांत कराने की कोशिश करते नजर आए। वे कहते दिखे, “अब आप बैठ जाइए, हो गया, अब मत बोलिए।” हालांकि, मुख्यमंत्री अपनी बात पूरी करने के बाद ही बैठे। बाद में जब विपक्ष का हंगामा कुछ शांत हुआ तो संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी ने सरकार की ओर से आश्वासन दिया कि मामले की जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि कहीं भी जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग हुआ है तो उसकी समीक्षा की जाएगी। हालांकि, विपक्ष इस जवाब से संतुष्ट नहीं हुआ। उन्होंने प्रभावित दफादारों और चौकीदारों को मुआवजा देने की मांग की।

हंगामे के दौरान अध्यक्ष प्रेम कुमार ने सभी सदस्यों से अपनी सीटों पर लौटने और मंत्री की बात सुनने की अपील की। इस पर विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार उन्हें धमका रही है। अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि सरकार सिर्फ अपना पक्ष रख रही है, कोई धमकी नहीं दे रही। संसदीय कार्य मंत्री ने सरकार का बचाव करते हुए कहा कि एनडीए सरकार किसी भी संगठन के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन नहीं करना चाहती। उन्होंने कहा अगर सरकार अधिकार छीनना चाहती तो प्रदर्शन की अनुमति ही नहीं दी जाती। चौकीदारों पर लाठीचार्ज का मुद्दा फिलहाल शांत होता नहीं दिख रहा है, और आने वाले दिनों में यह मामला और तूल पकड़ सकता है।

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