बोकारो में आयकर विभाग का बड़ा एक्शन! डीएमएफटी फंड गड़बड़ी के शक में दो जगहों पर छापा

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बोकारो : बोकारो जिले में मंगलवार की दोपहर में अचानक उस समय हलचल मच गई, जब आयकर विभाग की टीम ने एक साथ दो ठिकानों पर छापेमारी कर दी। यह कार्रवाई जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (DMFT) फंड के कथित दुरुपयोग से जुड़ी बताई जा रही है। टीम ने चास और बोकारो शहर के अलग-अलग इलाकों में दबिश देकर अहम दस्तावेज खंगाले। देर रात तक जांच चलती रही।

 चास और सेक्टर नौ में पड़ी रेड

आयकर विभाग की टीम सबसे पहले चास की प्रभात कॉलोनी पहुंची, जहां ठेकेदार सोनू मिश्रा के घर छापा मारा गया। इसके बाद सेक्टर नौ की 37 स्ट्रीट स्थित मकान संख्या-978 में प्रकाश जेरॉक्स के मालिक प्रकाश कुमार के यहां भी जांच की गई। सूत्रों के मुताबिक करीब 15 अधिकारी सात गाड़ियों में सवार होकर पहुंचे थे। अचानक हुई इस कार्रवाई से इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आसपास के लोग भी बड़ी संख्या में जमा हो गए। बताया जा रहा है कि यह पूरी कार्रवाई रांची स्थित आयकर विभाग की टीम कर रही है। हालांकि विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

 डीएमएफटी फंड में गड़बड़ी का शक

सूत्रों का कहना है कि आयकर विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि डीएमएफटी फंड से जुड़े ठेकों और सप्लाई के कामों में कहीं सरकारी पैसे का गलत इस्तेमाल तो नहीं हुआ। जानकारी के अनुसार, सोनू मिश्रा ने जिले के कई सरकारी स्कूलों में बड़े स्तर पर वॉल पेंटिंग का काम किया था। वहीं प्रकाश जेरॉक्स ने स्कूलों और अन्य सरकारी संस्थानों में सामग्री सप्लाई की जिम्मेदारी संभाली थी। जांच एजेंसियां अब यह खंगाल रही हैं कि इन कामों में असली खर्च से ज्यादा भुगतान दिखाया गया या नहीं। कहीं फर्जी बिलिंग या अन्य वित्तीय गड़बड़ी तो नहीं हुई? दस्तावेजों के साथ-साथ लेन-देन और डिजिटल रिकॉर्ड की भी गहराई से जांच की जा रही है।

 51 लाख की नकदी से जुड़ा कनेक्शन?

बताया जा रहा है कि इस पूरे मामले की कड़ी पिछले साल गोला थाना क्षेत्र में पकड़ी गई 51 लाख रुपये की नकदी से जुड़ी है। उस समय जिले के एक क्लर्क की गाड़ी से यह रकम बरामद की गई थी। इसके बाद आयकर विभाग ने डीएमएफटी योजनाओं से जुड़े कई लोगों को नोटिस भेजकर पूछताछ के लिए बुलाया था। सूत्रों के अनुसार, कई बार नोटिस भेजे जाने के बावजूद संबंधित लोग पेश नहीं हुए। इसके बाद विभाग ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर छापेमारी की योजना बनाई। अब जांच इस बात पर केंद्रित है कि जब्त की गई नकदी और डीएमएफटी योजनाओं के भुगतान के बीच कोई संबंध तो नहीं है।

छापेमारी के बाद बोकारो में सियासी और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। मामले को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। फिलहाल आयकर विभाग दस्तावेजों और डिजिटल सबूतों की जांच में जुटा है। अगर जांच में ठोस वित्तीय अनियमितता सामने आती है, तो आगे कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है। फिलहाल बोकारो में हुई यह छापेमारी डीएमएफटी फंड के इस्तेमाल और उसकी पारदर्शिता पर बड़े सवाल खड़े कर रही है।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।