
नेपाल : नेपाल के आम चुनाव के नतीजों में इस बार बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिल रहा है। रैपर से नेता बने बालेंद्र शाह, जिन्हें ‘बालेन’ के नाम से जाना जाता है, उनकी पार्टी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) बड़ी जीत की ओर बढ़ती नजर आ रही है। लंबे समय से राजनीतिक अस्थिरता झेल रहे नेपाल में यह चुनाव पारंपरिक राजनीतिक दलों के लिए चुनौती बन गया है। निर्वाचन आयोग के अनुसार 165 निर्वाचन क्षेत्रों में से 161 सीटों के रुझान और परिणाम सामने आ चुके हैं। इन नतीजों के आधार पर आरएसपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभर सकती है और बालेन के प्रधानमंत्री बनने की संभावना जताई जा रही है।
काठमांडू में आरएसपी का मजबूत प्रदर्शन
बृहस्पतिवार को हुए मतदान में आरएसपी ने काठमांडू जिले की सभी 10 सीटों पर जीत दर्ज की है। अब तक पार्टी कुल 27 सीटें जीत चुकी है। वहीं नेपाली कांग्रेस को पांच सीटें मिली हैं। नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी को दो सीटों पर सफलता मिली है, जबकि सीपीएन-यूएमएल के खाते में एक सीट आई है। सुबह 10 बजे तक मिले आंकड़ों के अनुसार आरएसपी 97 अन्य सीटों पर भी बढ़त बनाए हुए है। इसके अलावा नेपाली कांग्रेस, नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी और सीपीएन-यूएमएल लगभग 10-10 सीटों पर आगे चल रहे हैं।
पीएम ओली के गढ़ में भी बालेन की बढ़त
बालेंद्र शाह झापा-5 सीट से चुनाव लड़ रहे हैं, जहां उन्होंने चार बार के प्रधानमंत्री और सीपीएन-यूएमएल के अध्यक्ष के पी शर्मा ओली के क्षेत्र में मजबूत बढ़त बना ली है। अब तक शाह को 39,284 वोट मिले हैं, जबकि ओली को 10,293 वोट प्राप्त हुए हैं। आरएसपी का चुनाव चिह्न घंटी है, जो इस चुनाव में काफी चर्चा में रहा।
नेपाल की संसद और चुनाव प्रक्रिया
नेपाल की संसद में कुल 275 सदस्य होते हैं। इनमें से 165 सदस्य सीधे मतदान से चुने जाते हैं, जबकि 110 सदस्य आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली से आते हैं। इस चुनाव में लगभग 1.89 करोड़ मतदाता वोट देने के पात्र थे। बृहस्पतिवार को हुए मतदान में करीब 60 प्रतिशत लोगों ने अपने मताधिकार का उपयोग किया। प्रत्यक्ष चुनाव की 165 सीटों के लिए लगभग 3,400 उम्मीदवार मैदान में थे, जबकि 110 सीटों के लिए 3,135 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं।
जेन-जी आंदोलन के बाद हुआ चुनाव
यह चुनाव नेपाल में ‘जेन-जी’ आंदोलन के बाद हो रहे हैं। सितंबर 2025 में हुए विरोध प्रदर्शनों के कारण के पी शर्मा ओली की सरकार गिर गई थी। इसके बाद प्रतिनिधि सभा को भंग कर दिया गया और नए चुनाव की घोषणा हुई। पिछले 18 वर्षों में नेपाल में 14 सरकारें बन चुकी हैं, जिनमें ज्यादातर गठबंधन सरकारें थीं।
भारत को स्थिर सरकार की उम्मीद
नेपाल के चुनाव परिणामों पर भारत भी नजर बनाए हुए है। भारत को उम्मीद है कि नेपाल में एक स्थिर सरकार बनने से दोनों देशों के बीच विकास और सहयोग के संबंध और मजबूत होंगे। भारत ने चुनाव प्रक्रिया में नेपाल को आवश्यक लॉजिस्टिक सहायता भी प्रदान की है।

