
लंदन: ब्रिटेन में 32 वर्षीय एक व्यक्ति ने सिख महिला से दुष्कर्म के मामले में मंगलवार को अदालत में दोष स्वीकार कर लिया। आरोपी जॉन अश्बाय पर बर्मिंघम क्राउन कोर्ट में मुकदमा चल रहा है। उसने वॉल्सॉल में एक सिख महिला के साथ दुष्कर्म के आरोप में यह स्वीकारोक्ति की। पिछले साल अक्टूबर में हुई इस घटना के कुछ दिनों बाद गिरफ्तार किए गए आरोपी ने शुरू में यौन उत्पीड़न, गला घोंटने, नस्लीय शारीरिक हमले और लूट के आरोपों से इनकार किया था। सुनवाई के दौरान जूरी को बताया गया कि आरोपी ने युवती का बस स्टॉप से पीछा किया और उसके घर में घुसकर हमला किया। 25 अक्टूबर को हुई इस घटना के दौरान आरोपी ने युवती को गलत तरीके से मुस्लिम समझते हुए उस पर आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं। अभियोजन पक्ष ने कहा कि करीब 20 वर्षीय पीड़िता ने बाथरूम का दरवाजा बंद करने की कोशिश की, लेकिन आरोपी जबरन अंदर घुस आया।
सीसीटीवी फुटेज में दिखा कि वह उसी बस में सवार था और फिर उसका पीछा करता हुआ घर तक पहुंचा। अदालत को बताया गया कि बाहर से आई किसी आवाज से घबराकर वह मौके से भाग गया और जाते समय पीड़िता के आभूषण और मोबाइल फोन भी ले गया। पीड़िता ने तुरंत अलार्म बजाया, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और कुछ दिनों बाद शिनाख्त परेड में उसने आरोपी की पहचान की। स्थानीय पुलिस अधिकारी फिल डोल्बी ने कहा था कि इस घटना से समुदाय में भय और चिंता पैदा हुई है और पुलिस ने स्थानीय धार्मिक संस्थानों व समुदाय के नेताओं के साथ महिलाओं की सुरक्षा पर चर्चा की है। सुनवाई के दौरान, अदालत में सिख समुदाय के एक व्यक्ति द्वारा गुस्सा जाहिर करने के बाद न्यायाधीश ने मामले में सुनवाई को शुक्रवार तक स्थगित कर दिया, जब आरोपी को सजा सुनाई जानी है।

