
Strait of Hormuz : मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है, जब ईरान ने रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को दोबारा बंद करने का ऐलान किया है। यह फैसला ऐसे समय आया है जब Donald Trump ने ईरान के खिलाफ अपनी नौसैनिक नाकेबंदी को “पूरी ताकत” से जारी रखने की बात कही थी।
ईरान की सैन्य कमान ने आरोप लगाया है कि अमेरिका ने अपने वादों का उल्लंघन किया है और ईरानी बंदरगाहों से आने-जाने वाले जहाजों की आवाजाही पर रोक बनाए रखी है। तेहरान के अनुसार, जब तक अमेरिका सभी जहाजों की स्वतंत्र आवाजाही बहाल नहीं करता, तब तक होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर कड़ा नियंत्रण जारी रहेगा।
गौरतलब है कि यह जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति के लिहाज से बेहद अहम है। दुनिया के लगभग 20% कच्चे तेल का परिवहन इसी रास्ते से होता है। ऐसे में इसके बंद होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों और सप्लाई पर सीधा असर पड़ना तय माना जा रहा है।
हालांकि, इससे पहले Iran ने लेबनान में संघर्ष-विराम के बाद इस मार्ग को खोलने का संकेत दिया था। यह संघर्ष इज़रायल और हिज़्बुल्ला के बीच चल रहे युद्ध से जुड़ा था। लेकिन अमेरिका द्वारा नाकेबंदी जारी रखने के फैसले ने हालात को फिर से तनावपूर्ण बना दिया।
ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, जलडमरूमध्य अब पूरी तरह सेना के नियंत्रण में है। इसके साथ ही ईरान ने अपने हवाई क्षेत्र को आंशिक रूप से खोलने का भी फैसला लिया है, जिससे पूर्वी हिस्से से गुजरने वाली अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को अनुमति दी गई है। कुछ हवाई अड्डों को भी सीमित रूप से फिर से चालू किया गया है।
इस पूरे संघर्ष में भारी जनहानि भी हुई है। Reports के अनुसार, ईरान में लगभग 3,000 लोग, लेबनान में 2,290 से अधिक, जबकि इज़रायल और अन्य खाड़ी देशों में भी कई लोगों की जान गई है। इसके अलावा, अमेरिकी सैनिकों की भी मौतें दर्ज की गई हैं।
कुल मिलाकर, होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) का दोबारा बंद होना न केवल क्षेत्रीय बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और सुरक्षा के लिए गंभीर संकेत माना जा रहा है।

