
नई दिल्ली : लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने रसोई गैस (एलपीजी) की किल्लत को लेकर वीरवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा के साथ समझौता किया है। उन्होंने यह भी कहा कि ईंधन की समस्या बढ़ने वाली है और ऐसे में सरकार को समय रहते जरूरी प्रबंध करना चाहिए।
राहुल गांधी ने संसद परिसर में संवाददाताओं से कहा, ”मुख्य बात यह है कि रसोई गैस की समस्या होने वाली है, पेट्रोल की समस्या होने वाली है। सभी ईंधन को लेकर समस्या खड़ी होने जा रही है, क्योंकि हमारी ऊर्जा सुरक्षा से समझौता किया गया है।” उनका कहना था कि अभी तैयारी करने की जरूरत है, क्योंकि अभी भी समय है। राहुल गांधी ने कहा, ”प्रधानमंत्री और सरकार को तुरंत इस समस्या से निकलने के लिए तैयारी शुरू कर देनी चाहिए। अगर तैयारी नहीं की तो करोड़ों लोगों का नुकसान होगा।”
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा, ”यह इससे भी बड़ा मुद्दा है कि ईरान हमें ईंधन लेने देता है या नहीं। हम एक अस्थिर दौर में जा रहे हैं। जब आप अस्थिर समय में जाते हैं तो आपको अपनी सोच बदलनी होगी। आपकी मानसिकता एक जैसी नहीं हो सकती इसलिए मैं सरकार को जो सुझाव दे रहा हूं वह यह है कि वे संभावनाओं के बारे में गहराई से सोचना शुरू करें और यह सुनिश्चित करने के लिए सोचें कि हमें क्या करना है ताकि लोगों को परेशानी न हो।” उन्होंने कहा, ”मैं कोई राजनीतिक बयान नहीं दे रहा हूं. मैं सिर्फ इतना कह रहा हूं कि मुझे आगे बड़ी समस्या नजर आ रही है।” उनके मुताबिक, यहां एक प्रमुख समस्या है कि प्रधानमंत्री भारत के प्रधानमंत्री के रूप में कार्य करने में सक्षम नहीं हैं। बाद में उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”दुनिया तेज़ी से बदल रही है। संकट हमारे दरवाज़े पर है। अगर सरकार ने तुरंत कदम नहीं उठाए, तो एलपीजी, पेट्रोल और डीजल करोड़ों भारतीय परिवारों के लिए बड़ी समस्या बन जाएंगे।
सच्चाई साफ़ है कि ‘कम्प्रोजाइज्ड’ मोदी जी ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा से समझौता किया है। कमज़ोर और दिशाहीन विदेश नीति ने देश को इस खतरनाक स्थिति में ला खड़ा किया है।” राहुल गांधी ने कहा कि अब समय सच बताने और देश को तैयार करने का है, अन्यथा इसकी कीमत भारत के आम लोग चुकाएंगे।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को ईधन संकट के बारे में संसद के भीतर मन की बात करनी चाहिए। उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”जब देश भारी संकट से जूझ रहा होता है तो प्रधानमंत्री मोदी जी चुनावी दौरों में मशगूल होते हैं। देशभर में एलपीजी की भारी कमी है और लोग कतारों में खड़े हैं। कितने सारे छोटे-बड़े उद्योग भाजपा की विफलता का खामियाजा भुगतने पर मजबूर हैं। पर सरकार के पास कोई जवाब नहीं। केवल झूठे दावे हैं।” खड़गे ने आरोप लगाया कि कूटनीति की विफलता गंभीर मुद्दा है और ऊर्जा प्रबंधन की नाकामी का नतीजा आज देश की 140 करोड़ जनता भुगत रही है।
