
Ranchi Medical College Controversy: आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और विश्वासघात से जुड़े मामले में रांची सिविल कोर्ट ने सख्ती दिखाते हुए बड़ा फैसला लिया है। प्रथम श्रेणी के न्यायिक दंडाधिकारी एमके सिंह की अदालत ने SSR मेडिकल कॉलेज के अध्यक्ष रुद्र प्रताप नारायण सिंह और सचिव रंजीत कौर के खिलाफ गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी किया है।
अदालत ने यह कदम इसलिए उठाया क्योंकि दोनों आरोपी कई बार नोटिस मिलने के बावजूद न तो कोर्ट में उपस्थित हुए और न ही जांच अधिकारी के सामने पेश हुए।
जांच अधिकारी के आवेदन पर हुई कार्रवाई
इससे पहले जांच पदाधिकारी ने अदालत में आवेदन देकर आरोपियों की उपस्थिति सुनिश्चित कराने की मांग की थी।
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2023 में अरगोड़ा हाउसिंग कॉलोनी के निवासी अजय कुमार ने दोनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। प्राथमिकी के आधार पर दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 41ए के तहत तीन बार नोटिस भेजा गया, लेकिन आरोपियों ने इसे नजरअंदाज किया।
क्या है पूरा मामला
शिकायतकर्ता अजय कुमार का आरोप है कि मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने नियमों का उल्लंघन करते हुए भ्रामक विज्ञापन के जरिए छात्रों का नामांकन किया।
इसके बाद छात्रों को मानसिक रूप से परेशान किया गया और उन्हें कॉलेज छोड़ने के लिए मजबूर किया गया। बताया गया कि दोनों आरोपियों ने मॉरीशस में मेडिकल कॉलेज स्थापित किया है, जबकि उसका कार्यालय दिल्ली में है।
छात्र से लाखों की वसूली और प्रताड़ना का आरोप
एफआईआर में कहा गया है कि अजय कुमार के बेटे कैरव कीतने ने वर्ष 2019 में एमबीबीएस में दाखिला लिया था। लेकिन एक साजिश के तहत अलग-अलग कारण बताकर उसे बार-बार परीक्षा में फेल किया जाता रहा।
इतना ही नहीं, प्री-यूनिवर्सिटी परीक्षा पास कराने के नाम पर 3000 डॉलर की मांग की गई। साथ ही ट्यूशन फीस, फूडिंग और लॉजिंग के नाम पर उससे 49 लाख रुपये से अधिक वसूले गए।
छात्र ने छोड़ा कॉलेज, मामले ने पकड़ा तूल
लगातार मानसिक उत्पीड़न और अपमान से परेशान होकर छात्र ने 9 सितंबर 2023 को अपना नामांकन वापस ले लिया। शिकायत में यह भी आरोप है कि उसे कक्षा में अपमानित किया जाता था। अब कोर्ट द्वारा जारी वारंट के बाद इस मामले में आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
