
रांची: झारखंड सरकार ने राज्य के गृह रक्षकों के लिए बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने करीब 70 करोड़ रुपये की लागत से कई विकास योजनाओं की तैयारी की है, जिन्हें जल्द ही जमीनी स्तर पर लागू किया जाएगा। लंबे समय से आवास और अन्य मूलभूत सुविधाओं की कमी से जूझ रहे गृह रक्षकों को इससे बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
नई योजना के तहत हजारीबाग स्थित प्रशिक्षण केंद्र में महिला गृह रक्षकों के लिए 450 बेड का आधुनिक बैरक बनाया जाएगा। राज्य में महिला कर्मियों को पर्याप्त आवासीय सुविधा नहीं मिलने की समस्या को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही प्रशिक्षण व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए एक नया परेड ग्राउंड भी विकसित किया जाएगा।
सरकार विभिन्न जिलों में भी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की योजना बना रही है। साहिबगंज, लोहरदगा, रामगढ़, जमशेदपुर और पाकुड़ में जिला समादेष्टा आवास और यूएस क्वार्टर बनाए जाएंगे। वहीं जमशेदपुर और लोहरदगा में प्रशासनिक और प्रशिक्षण भवनों का निर्माण भी प्रस्तावित है।
गृह रक्षक लंबे समय से वेतन, सेवा शर्तों और आवासीय सुविधाओं को लेकर समस्याओं का सामना कर रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में भी इन मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया है। ऐसे में सरकार की यह पहल गृह रक्षकों के लिए राहत भरी मानी जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इन योजनाओं के लागू होने से न केवल गृह रक्षकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि उनकी कार्यक्षमता और मनोबल में भी वृद्धि होगी। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार इन योजनाओं को कितनी तेजी से धरातल पर उतार पाती है।
