IAS विनय चौबे को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत! 7 महीने बाद जेल से रिहाई का आदेश

आईएएस विनय चौबे को सुप्रीम कोर्ट से जमानत, शराब और जमीन घोटाले में आरोपों के बीच मिली राहत, सात महीने बाद रिहाई, जांच में सहयोग की शर्त पर मिली बेल।

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रांची: झारखंड के चर्चित आईएएस अधिकारी विनय चौबे को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने उन्हें जमानत देते हुए रिहा करने का आदेश दिया है। हालांकि, यह जमानत जांच में सहयोग करने की शर्त पर दी गई है। मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश बीवी नागरथना और उज्जवल भुइयां की पीठ ने की। सुनवाई के दौरान विनय चौबे की ओर से दलील दी गई कि इसी मामले में विजय प्रताप सिंह और सुधीर कुमार सिंह को पहले ही जमानत मिल चुकी है, जबकि वे भी इस मामले में लाभार्थी हैं। इस आधार पर उन्हें भी राहत देने की मांग की गई, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया। बचाव पक्ष ने यह भी बताया कि मामला साल 2009-10 का है, जब विनय चौबे जिले में उपायुक्त के पद पर तैनात थे। साथ ही यह भी कहा गया कि वह पिछले सात महीनों से जेल में हैं। वहीं, राज्य सरकार की ओर से उन्हें इस मामले में आरोपी बताया गया।

बताया जाता है कि एसीबी ने 20 मई 2025 को तत्कालीन उत्पाद सचिव विनय कुमार चौबे को गिरफ्तार किया था। उन पर आरोप है कि उन्होंने उत्पाद नीति 2022 के तहत मैनपॉवर सप्लाई करने वाली कंपनियों को फर्जी गारंटी के आधार पर काम करने की अनुमति दी, जिससे सरकार को आर्थिक नुकसान हुआ। इसके अलावा, साल 2025 में उनकी गिरफ्तारी के बाद शराब घोटाले में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। हजारीबाग में जमीन घोटाले से जुड़े दो मामलों में भी उनके खिलाफ केस दर्ज है। इनमें एक मामला खास महल जमीन से जुड़ा है, जबकि दूसरा वन विभाग की जमीन में गड़बड़ी का है।

आरोप है कि उपायुक्त हजारीबाग रहते हुए उन्होंने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर वन विभाग की जमीन अपने करीबी लोगों को आवंटित कर दी। एसीबी रांची ने शराब घोटाले से जुड़ी अनियमितताओं को आधार बनाकर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला भी दर्ज किया है। वहीं, उनके खिलाफ पांचवीं प्राथमिकी जगन्नाथपुर थाने में ठगी के आरोप में दर्ज की गई है। फिलहाल सभी मामलों में जांच जारी है।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।