पहलगाम में सुरक्षा का नया कवच, पर्यटन सेवाओं के लिए QR कोड अनिवार्य

पहलगाम में पर्यटकों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए प्रशासन ने पर्यटन सेवा प्रदाताओं के लिए क्यूआर कोड आधारित पहचान प्रणाली लागू की, जिससे पंजीकृत और सत्यापित सेवाओं की जानकारी तुरंत मिल सकेगी।

Neeral Prakash
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नई दिल्ली : जम्मू कश्मीर में अधिकारियों ने पहलगाम में पर्यटकों की सुरक्षा के मद्देनजर सभी पर्यटन सेवा प्रदाताओं के लिए एक विशिष्ट क्यूआर कोड आधारित पहचान प्रणाली शुरू की है। पहलगाम पिछले साल लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादियों के हमले से दहल गया था।
अधिकारियों ने कहा कि इस प्रणाली से वास्तविक और पंजीकृत सेवा प्रदाताओं का आसानी से सत्यापन हो सकेगा, जिसमें व्यापारिक प्रतिष्ठान और बाहरी विक्रेता शामिल हैं। इस पहल को अनंतनाग जिले के लोकप्रिय पर्यटन रिसॉर्ट में आने वाले लोगों का भरोसा वापस लाने के लिए अधिकारियों का एक बड़ा कदम माना जा रहा है, जहां पिछले साल 22 अप्रैल को भयावह आतंकी हमला हुआ था।

बैसरन मैदान में हुए हमले में 25 पर्यटकों और एक स्थानीय व्यक्ति की मौत हो गई थी। एक अधिकारी ने कहा कि हर सेवा प्रदाता की पुलिस ने ठीक से जांच की है, अधिकारियों ने उसे पंजीकृत किया है और उसे एक विशिष्ट क्यूआर कोड दिया गया है, जिसमें उस व्यक्ति की व्यक्तिगत जानकारी और अन्य विवरण होगा।जब पर्यटक अपने मोबाइल फोन से कोड स्कैन करते हैं, तो वे उस व्यक्ति के बारे में पूरी जानकारी देख सकते हैं। यह पहल एक उचित और पंजीकृत पहचान प्रणाली के रूप में कार्य करती है जो धोखाधड़ी को रोकेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि कोई भी अनधिकृत व्यक्ति पर्यटन से जुड़े होने का दावा या काम नहीं कर रहा है।

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नीरल प्रकाश के पास पत्रकारिता में 2 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने एंकरिंग, रिपोर्टिंग और स्क्रिप्ट राइटिंग में काम किया है। पिछले 2 सालों से वे IDTV इंद्रधनुष के साथ काम कर रही हैं, जहां उन्होंने ऑन-एयर प्रस्तुतिकरण के साथ-साथ बैकएंड कंटेंट क्रिएशन में भी योगदान दिया। समाचार रिपोर्टिंग के अलावा, उन्होंने आकर्षक स्क्रिप्ट तैयार करने और कहानी को पेश करने का अनुभव भी प्राप्त किया है।