
Jharkhand Heatwave : पिपरवार समेत खलारी और आसपास के सीसीएल कोयलांचल क्षेत्रों में भीषण गर्मी ने लोगों की दिनचर्या को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। अप्रैल महीने में ही रिकॉर्ड तोड़ तापमान और लू के थपेड़ों ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है।
सुबह 9 बजे के बाद से ही धूप इतनी तेज हो जा रही है कि शाम 5 बजे तक घर से बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है। बाजारों और चौक-चौराहों पर दिनभर सन्नाटा पसरा रहता है। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को हो रही है, जिन्हें दोपहर में छुट्टी के समय तेज गर्मी का सामना करना पड़ता है। हालांकि सरकार के निर्देश पर स्कूलों के समय में बदलाव से कुछ राहत जरूर मिली है।
कोयला खदानों में काम करने वाले मजदूरों के लिए स्थिति और भी कठिन हो गई है। तेज धूप और उमस के कारण काम करना चुनौतीपूर्ण हो गया है, जिससे उनके स्वास्थ्य और कार्यक्षमता पर असर पड़ रहा है।
भीषण गर्मी का असर अब जल स्रोतों पर भी दिखने लगा है। क्षेत्र की नदियां, तालाब और कुएं सूखने लगे हैं। खासकर बचरा दामोदर और बचरा सपही नदियों से होने वाली पेयजल आपूर्ति प्रभावित हो रही है। ग्रामीण इलाकों में कई कुएं सूखने के कगार पर हैं और चापाकल भी खराब पड़े हैं, जिससे पानी की समस्या गहराती जा रही है।
स्थिति से निपटने के लिए बचरा दामोदर नदी में चेकडैम निर्माण का कार्य जारी है, वहीं सीसीएल प्रबंधन भी जल संकट को कम करने के उपाय कर रहा है। मौसम विभाग ने पहले ही 19 अप्रैल से 31 मई तक भीषण गर्मी की चेतावनी दी है। ऐसे में आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है, जिससे हालात और गंभीर हो सकते हैं।

