
Private School Fees India : धनबाद में निजी स्कूलों द्वारा मेंटेनेंस और एनुअल चार्ज के नाम पर की जा रही मनमानी वसूली को लेकर जिला प्रशासन सख्त हो गया है। अभिभावकों की शिकायत के बाद उपायुक्त आदित्य रंजन ने मामले का संज्ञान लेते हुए जनप्रतिनिधियों, अभिभावक संघ और स्कूल प्रबंधन के साथ बैठक की।
बैठक में विधायक राज सिन्हा, अरूप चटर्जी और चंद्रदेव महतो समेत अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। उन्होंने स्कूलों द्वारा एनुअल चार्ज के नाम पर मनमानी वसूली, निर्धारित दुकानों से किताब-ड्रेस खरीदने की बाध्यता और पारदर्शिता की कमी पर रोक लगाने की मांग की।
इसके बाद उपायुक्त ने सभी स्कूल प्रिंसिपलों के साथ अलग बैठक कर स्पष्ट निर्देश जारी किए। प्रशासन ने तय किया है कि कोई भी स्कूल एनुअल चार्ज के नाम पर 10 प्रतिशत से अधिक राशि नहीं वसूल सकता। साथ ही स्कूलों को किताब, ड्रेस या अन्य सामग्री बेचने पर भी रोक लगा दी गई है।
DC ने यह भी कहा कि नियमों के उल्लंघन की शिकायत मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। स्कूलों के खर्च और फीस की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए साल में दो बार ऑडिट कराया जाएगा और एक नई निगरानी कमेटी का गठन किया जाएगा।
हालांकि, इन निर्देशों के बावजूद अभिभावकों को अभी भी पूरी राहत मिलने को लेकर संशय बना हुआ है।

