
पालघर: महाराष्ट्र के पालघर जिले में बंधुआ मजदूरी का एक गंभीर मामला सामने आया है। एक ईंट भट्ठा मालिक पर आरोप है कि उसने 23 वर्षीय आदिवासी मजदूर को जबरन काम करने के लिए मजबूर किया। पुलिस ने शुक्रवार को इस मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि शिकायत ‘कातकरी’ समुदाय के एक मजदूर ने दर्ज कराई है। इसी शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और बंधुआ श्रम पद्धति (उन्मूलन) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
जानकारी के मुताबिक शिकायतकर्ता ने अक्टूबर 2025 में ईंट भट्ठे पर काम शुरू किया था। उससे पहले उसे 20,000 रुपये का अग्रिम भुगतान दिया गया था। इसके बाद उसे अलग-अलग किस्तों में कुल 40,000 रुपये और मिले। अधिकारी ने बताया कि बाद में मजदूर को एक सरकारी योजना के तहत घर स्वीकृत हुआ, जिसके बाद उसने अपने गांव जाकर निर्माण कार्य शुरू करने की अनुमति मांगी। लेकिन आरोप है कि भट्ठा मालिक ने उसे धमकी दी और फरवरी 2026 तक काम जारी रखने के लिए मजबूर किया।
पीड़ित मजदूर ने बाद में ‘श्रमजीवी संगठना’ से संपर्क किया, जिसके कार्यकर्ताओं ने यह मामला अधिकारियों तक पहुंचाया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी पर गलत तरीके से रोकने, आपराधिक धमकी देने और जानबूझकर अपमान करने जैसे आरोपों में केस दर्ज कर लिया है। जांच जारी है।

