सामाजिक कार्यकर्ताओं, छात्र नेताओं ने गांधी जयंती पर ईसी के विरुद्ध प्रदर्शन की घोषणा की

सामाजिक कार्यकर्ताओं और छात्र नेताओं ने गांधी जयंती पर चुनाव आयोग के कामकाज के खिलाफ जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की घोषणा की; मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और महाभियोग की मांग।

Razi Ahmad
3 Min Read
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

नयी दिल्ली: सामाजिक कार्यकर्ताओं और छात्र नेताओं के एक समूह ने बुधवार को लोगों से अपील की कि वे निर्वाचन आयोग के कामकाज के तरीके के विरुद्ध तथा मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर ‘महाभियोग’ चलाने की मांग को लेकर गांधी जयंती पर यहां जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में हिस्सा लें।

इस समूह में आइसा अध्यक्ष नेहा बोरा, वकील प्रशांत भूषण और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सांसद मनोज झा शामिल थे। समूह ने कहा कि यह प्रदर्शन दो अक्टूबर को पूर्वाह्न 11 बजे होगा।

उन्होंने यहां प्रेस वार्ता में निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची और विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया को अंजाम देने के तरीके पर चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे नागरिकों के मताधिकारों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।

बोरा ने कहा कि आयोजकों ने संसद मार्ग थाने को प्रस्तावित सभा, उसमें पहुंचने वाले लोगों की संभावित संख्या, समय और कार्यक्रम आयोजित करने के लिए ज़िम्मेदार लोगों की जानकारी दी है।

उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी मुद्दों पर चिंता जताने की कोशिश के दौरान प्रदर्शनकारियों को पहले भी पाबंदियों और हिरासत का सामना करना पड़ा था।

आइसा के एक अन्य सदस्य ने कहा कि समूह को अब तक पुलिस से ‘नामंजूरी’ की कोई सूचना नहीं मिली है।

बोरा नीट प्रश्नपत्र लीक मामले पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (कॉजपा) के आंदोलन के दौरान जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठी थीं।

भूषण ने प्रेस वार्ता में आरोप लगाया कि मतदाता सूची में सुधार की प्रक्रिया के दौरान कई प्रक्रियागत अनियमितताएं हुईं। उन्होंने दावा किया कि मतदाताओं को जोड़ने और हटाने से जुड़े फैसले केंद्रीकृत कर दिए गए हैं।

झा ने कहा कि इस मुद्दे को सिर्फ़ सत्ताधारी पार्टी और विपक्ष के बीच मुकाबले के तौर पर नहीं, बल्कि नागरिकों के अधिकारों से जुड़े मामले के तौर पर देखा जाना चाहिए।

वक्ताओं ने निर्वाचन आयोग से ज़्यादा जवाबदेही की भी मांग की और कुमार के इस्तीफ़े की अपनी मांग को दोहराया।

यह प्रस्तावित विरोध-प्रदर्शन ऐसे समय में हो रहा है जब दिल्ली में विपक्षी पार्टियों, छात्र संगठनों और नागरिक संस्थाओं के कार्यकर्ताओं की ओर से निर्वाचन आयोग के कामकाज और एसआईआर प्रक्रिया को लेकर प्रदर्शन किए जा रहे हैं।

कॉजपा ने भी इस मुद्दे पर दो अक्टूबर को मुंबई में विरोध-प्रदर्शन करने की घोषणा की थी। प्रदर्शन की अनुमति न मिलने के बाद, अब उसने ‘जेल भरो आंदोलन’ का आह्वान किया है।

विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन ने बुधवार को अपने विरोध प्रदर्शन की योजनाओं की घोषणा की। इंडिया गठबंधन दो से आठ अक्टूबर तक सभी ज़िलों में ‘लोकतंत्र बचाओ’ मार्च निकालेगा।

Share This Article
रजी अहमद एक उभरते हुए कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग दो वर्षों का अनुभव है। उन्होंने न्यूज़ अरोमा में काम करते हुए विभिन्न विषयों पर लेखन किया और अपनी लेखन शैली को मजबूत बनाया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कंटेंट राइटिंग, न्यूज़ लेखन और मीडिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं में अच्छा अनुभव हासिल किया। वह लगातार सीखते हुए अपने करियर को आगे बढ़ा रहे हैं।