
हर वर्ष 22 मई को दुनिया भर में अंतर्राष्ट्रीय जैविक विविधता दिवस मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य लोगों और विभिन्न हितधारकों के बीच जैविक विविधता के संरक्षण के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। जैव विविधता पृथ्वी पर मौजूद सभी जीवों, पौधों, सूक्ष्मजीवों और पारिस्थितिक तंत्रों की विविधता को दर्शाती है।
क्या है जैव विविधता?
जैव विविधता को पृथ्वी पर जीवन का आधार माना जाता है। यह हमें भोजन, औषधियां, स्वच्छ जल और रहने योग्य वातावरण प्रदान करती है। 1985 में वैज्ञानिक वॉल्टर जी. रोसेन ने “बायोडायवर्सिटी” शब्द को लोकप्रिय बनाया था। इसका अर्थ है “पृथ्वी पर जीवन की विविधता और उससे बनने वाले प्राकृतिक पैटर्न।”
विशेषज्ञों के अनुसार यदि जैव विविधता में गिरावट जारी रही, तो इसका सीधा असर मानव जीवन, जलवायु और पर्यावरण संतुलन पर पड़ेगा।
अंतर्राष्ट्रीय जैविक विविधता दिवस 2026 की थीम
अंतर्राष्ट्रीय जैविक विविधता दिवस 2026 की थीम है —
“वैश्विक प्रभाव के लिए स्थानीय स्तर पर कार्य करना।” यह थीम लोगों को अपने आसपास के पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए प्रेरित करती है।
अंतर्राष्ट्रीय जैविक विविधता दिवस का इतिहास और महत्व
इस दिवस की स्थापना 1993 में संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा की गई थी। इसका उद्देश्य जैव विविधता के नुकसान को रोकने और संरक्षण के प्रति वैश्विक सहयोग बढ़ाना था।
जैव विविधता हमारी जलवायु को नियंत्रित करने, जल स्रोतों को शुद्ध रखने और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यही कारण है कि संरक्षण और पुनर्स्थापन परियोजनाओं में निवेश करना आज समय की सबसे बड़ी जरूरत बन चुका है।
अंतर्राष्ट्रीय जैविक विविधता की संरक्षण की जरूरत
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अभी से पर्यावरण संरक्षण के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाली पीढ़ियों को गंभीर पर्यावरणीय संकट का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए जैव विविधता की रक्षा केवल प्रकृति नहीं, बल्कि मानव अस्तित्व के लिए भी बेहद आवश्यक है।

