
नयी दिल्ली: इस साल के संसद रत्न पुरस्कारों के लिए 12 सांसदों और चार संसदीय समितियों का चयन किया गया है। निजी संगठन ‘प्राइम प्वाइंट फाउंडेशन’ ने एक बयान में बताया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के जगदंबिका पाल (उत्तर प्रदेश), पी. पी. चौधरी (राजस्थान), निशिकांत दुबे (झारखंड) और शिवसेना के श्रीकांत एकनाथ शिंदे (महाराष्ट्र) पुरस्कारों के लिए व्यक्तिगत श्रेणी में चुने गए सांसदों में शामिल हैं। संसद रत्न पुरस्कार समिति की अध्यक्ष एडवोकेट प्रियदर्शनी राहुल ने बताया कि इस वर्ष हम जुलाई में 150वां पुरस्कार प्रदान करेंगे।”
उन्होंने कहा, “व्यक्तिगत श्रेणी में चुने गए सांसदों में जगदंबिका पाल (उत्तर प्रदेश), पीपी चौधरी (राजस्थान), निशिकांत दुबे (झारखंड) और डॉ श्रीकांत एकनाथ शिंदे हैं।” वहीं, अन्य चयनित सांसदों में प्रवीण पटेल (उत्तर प्रदेश), विद्युत बरन महतो (झारखंड), लुंबाराम चौधरी (राजस्थान), डॉ. हेमंत विष्णु सावरा (महाराष्ट्र), स्मिता उदय वाघ (महाराष्ट्र), नरेश गणपत म्हस्के (महाराष्ट्र), डॉ. मेधा विश्राम कुलकर्णी (महाराष्ट्र), और नरहरि अमीन (गुजरात) शामिल हैं।
“ बजट सत्र 2026 के अंत तक संसद में उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उन्हें विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया गया है,” प्रियदर्शनी राहुल ने आगे कहा। एडवोकेट राहुल ने भाजपा सांसद स्मिता उदय वाघ की कैंसर से जूझने के बावजूद संसदीय कार्यवाही में भाग लेने की प्रतिबद्धता की भी सराहना की। एडवोकेट राहुल ने कहा, “वह कीमोथेरेपी पूरी करने के बाद भी संसद सत्र में शामिल होती थीं।”
चार संसदीय समितियों ने भी अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पुरस्कार जीते हैं। ये कृषि संबंधी समिति हैं, जिसकी अध्यक्षता डॉ. चरणजीत सिंह चन्नी करेंगे; भर्तृहरि महताब की अध्यक्षता में वित्त समिति; सप्तगिरि शंकर उलाका की अध्यक्षता में ग्रामीण विकास और पंचायती राज समिति; और कोयला एवं खान समिति, जिसके अध्यक्ष अनुराग ठाकुर हैं । इन पुरस्कार विजेताओं में से, जगदंबिका पाल (यूपी) और डॉ. चरणजीत सिंह चन्नी (पंजाब) पूर्व मुख्यमंत्री थे, और नरहरि अमीन (गुजरात) उप मुख्यमंत्री थे।

