


नयी दिल्ली: कांग्रेस ने संसद के मानसून सत्र का सत्रावसान करने में हो रही देरी पर बुधवार को सवाल उठाते हुए कहा कि ‘‘दाल में कुछ काला है’’ और सरकार ‘‘बहुकलंकित’’ दो-तिहाई बहुमत जुटाने की कोशिश कर रही है, लेकिन वह परिसीमन से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक को पारित कराने के लिए आवश्यक बहुमत हासिल करने में सफल नहीं हो पाएगी।





कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि आम तौर पर संसद के दोनों सदनों के अनिश्चितकाल के लिए स्थगित होने के तीन-चार दिन बाद ही सत्रावसान हो जाता है।
उन्होंने कहा कि 2015 में यह अंतर 28 दिन का था और वह रिकॉर्ड जल्द ही टूट जाएगा, क्योंकि इस साल के मानसून सत्र का सत्रावसान हुए बिना ही 27 दिन बीत चुके हैं।
