10 साल पुराने चेक बाउंस मामले में आरोपी को नहीं मिली राहत, कोर्ट ने अपील खारिज की

करीब 10 साल पुराने चेक बाउंस मामले में अदालत ने आरोपी की अपील खारिज कर दी। आरोपी को 15 दिनों के भीतर आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया गया है।

Razi Ahmad
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Cheque Bounce Case: करीब 10 साल पुराने चेक बाउंस मामले में दोषी करार आरोपी अरविंद कुमार शिव को अदालत से राहत नहीं मिली है। अपर न्याययुक्त की अदालत ने आरोपी द्वारा दायर आपराधिक अपील याचिका को खारिज करते हुए निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा है।

जानकारी के अनुसार, यह मामला ₹3.37 लाख के चेक बाउंस से जुड़ा है। शिकायतकर्ता ने अदालत को बताया था कि दवा आपूर्ति के एवज में आरोपी ने 8 सितंबर 2016 को ₹3,37,226 का चेक दिया था, जो बैंक में प्रस्तुत करने पर बाउंस हो गया।

निचली अदालत का फैसला बरकरार

मामले की सुनवाई के दौरान अपर न्याययुक्त शैलेन्द्र कुमार की अदालत ने निचली अदालत के आदेश को सही ठहराया। इससे पहले न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी की अदालत ने आरोपी को तीन माह की साधारण कारावास की सजा सुनाई थी। साथ ही ₹3.50 लाख क्षतिपूर्ति राशि देने का भी आदेश दिया गया था।

15 दिनों में सरेंडर का आदेश

अदालत ने आरोपी की जमानत याचिका भी रद्द कर दी है और उसे 15 दिनों के भीतर ट्रायल कोर्ट में आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया है। मामले के फैसले के बाद कानूनी हलकों में इसकी चर्चा हो रही है।

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रजी अहमद एक उभरते हुए कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग दो वर्षों का अनुभव है। उन्होंने न्यूज़ अरोमा में काम करते हुए विभिन्न विषयों पर लेखन किया और अपनी लेखन शैली को मजबूत बनाया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कंटेंट राइटिंग, न्यूज़ लेखन और मीडिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं में अच्छा अनुभव हासिल किया। वह लगातार सीखते हुए अपने करियर को आगे बढ़ा रहे हैं।