
रांची : श्रीलक्ष्मी वेंकटेश्वर मंदिर में शनिवार को खिचड़ी के भंडारे का आयोजन हुआ। इस भंडारे में 1567 लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। खिचड़ी का महाप्रसाद अजित कुमार और महेश्वर रेड्डी समेत अन्य की ओर प्रायोजित किया गया था। मौके पर पुजारी ने कहा कि अन्न तत्काल तृप्त करने वाला, मन को प्रिय लगने वाला, बल और बुद्धि को बढ़ाने वाला है। अन्न के समान तृप्ति दायक और कोई वस्तु नहीं है । अन्नों से मनुष्यों के साथ-साथ देवता असुर यक्ष, किन्नर, नाग, पितर, गंधर्व ,पशु- पक्षी, कीट और पतंग सबको तृप्ति मिलती है। पितरों के निमित्त दिए जाने वाले पिंडदान देवताओं के निमित्त दिए जाने वाले आहुति और अर्ध्यदान, श्वान बलि ,गोबलि यह पवित्र विधान अन्नों से ही होता है । भूखे- प्यासे, थके- मांदे मनुष्यों की तृप्ति तो अन्न और जल से ही हो सकती है । इसलिए अन्नदान और खिचड़ी का भंडारा सबके लिए कल्याणकारी है।

