
रांची: कांग्रेस ने विधानसभा में वर्ष 2021-22 के लिए पेश बजट को झारखंड के विकास को एक नयी दिशा देने वाला बजट करार दिया है। साथ ही सदन में भारतीय जनता पार्टी के विधायकों के रवैये को अशोभनीय और संसदीय मर्यादा के प्रतिकूल कहा।
पार्टी के प्रदेश के प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे और लाल किशोरनाथ शाहदेव ने बुधवार को पत्रकार वार्ता में कहा कि अलग
झारखंड राज्य बनने के 20 वर्षों बाद पहली राज्य सरकार ने सभी प्रमंडलों में गौ मुक्तिधाम की स्थापना कर पवित्र तरीके से मृत शरीर का निष्पादन करने की योजना को मंजूरी दी है।
वहीं, ग्रामीण क्षेत्र में पलायान को रोकने पर विशेष जोर दिया गया है। विदेशों में प्रवासी मजदूरों के साथ अनहोनी होने पर पांच लाख रुपये की व्यवस्था की गई है। बाबा साहेब अम्बेडकर आवास योजना के तहत तीन हजार नये आवास बनाये जाएंगे।
उन्होंने कहा कि विधानसभा में बजट पेश करने के दौरान जिस तरह से भाजपा सदस्यों ने गैर जिम्मेदाराना रवैया अपनाया, उससे झारखंड का संसदीय परंपरा शर्मशार हुई है।
इस तरह की अशोभनीय घटना को झारखंड के संसदीय राजनीतिक इतिहास के काले अध्याय के रूप में अंकित किया जाएगा।
प्रवक्ताओं ने कहा कि भाजपा विधायकों ने राज्य में लोकतंत्र के सबसे बड़े मंदिर में जिस तरह से तरह से अपमान किया गया है, वह जनता के श्रद्धा और विश्वास के साथ धोखा है।
उन्होंने कहा कि पार्टी यह चाहती है कि संसदीय परंपरा और मान्यताओं के विरुद्ध नारा लिखे टी-शर्ट पहन कर आने वाले और सभा की कार्यवाही के दौरान सीटी बजाने वाले भाजपा विधायकों को पूरे बजट सत्र के लिए निलंबित किया जाए।
प्रवक्ताओं ने कहा कि राज्य सरकार के बजट में आम जनता को किसी प्रकार का कर (टैक्स) में कोई वृद्धि नहीं कर राज्य की जनता को राहत देने का काम किया गया है।
इसके लिए सरकार बधाई का पात्र है। इस अवसर पर निरंजन पासवान और प्रदेश कांग्रेस अल्पसंख्यक अध्यक्ष शकील अख्तर अंसारी भी मौजूद थे।
