
रांची : झारखंड के मेडिकल विभाग से जुड़े लोगों के लिए खुशखबरी। अब झारखंड सरकार ने राज्य के चार सदर अस्पतालों को पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेज में बदलने की तैयारी शुरू कर दी है। हर अस्पताल के अपग्रेडेशन पर ध्यान दिया जाएगा। इसमें लगभग 400 करोड़ रुपये खर्च होंगे। अप्रैल में कैबिनेट की मंजूरी के बाद JMHIDPCL ने टेंडर नोटिस जारी कर निजी कंपनियों को आमंत्रित किया है।
गिरिडीह, धनबाद और जामताड़ा में 100 बेड वाले जिला अस्पतालों को मेडिकल कॉलेज में बदला जाएगा। वहीं, खूंटी के सदर अस्पताल को 130 बेड से बढ़ाकर 220 बेड करने का निर्णय लिया गया है। इन चारों कॉलेजों में कुल मिलाकर 350 नई मेडिकल सीटें बनेंगी। इसमें गिरिडीह, धनबाद और जामताड़ा की 100-100 सीटें तथा खूंटी की 50 सीटें शामिल हैं।
जानकारी के मुताबिक, JMHIDPCL के एमडी शशि प्रकाश झा ने बताया कि बिडिंग प्रक्रिया पूरी होने के बाद कुछ चुनी हुई कंपनियों को 60 साल के लिए मेडिकल कॉलेज सौंपा जाएगा। लेकिन इसके बावजूद सरकारी दरों पर ही इलाज और पढ़ाई कराई जाएगी तथा सुविधाएं भी दी जाएंगी। मरीजों से मनमाना इलाज शुल्क और छात्रों से भी मोटी फीस नहीं ली जाएगी। साथ ही सरकारी योजनाएं भी इन अस्पतालों में चलती रहेंगी।
इस पहल से झारखंड में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 5 से बढ़कर 9 हो जाएगी। इससे डॉक्टरों की कमी दूर होगी और दूरदराज के क्षेत्रों में भी स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। साथ ही मेडिकल की पढ़ाई करने वाले छात्रों को भी आसानी होगी। उन्हें बिना मोटी रकम दिए अच्छी पढ़ाई करने का अवसर मिलेगा।

